कालियागंज में 25 वर्ष के कांग्रेस युग का अंत

कालियागंज. लगभग 25 वर्षों से कालियागंज नगरपालिका के सत्ते पर काबिज रही कांग्रेस के शासनकाल का बुधवार को अंत हो गया. इस नगरपालिका पर तृणमूल ने कब्जा कर लिया है. इसके साथ ही यहां के सियासी हल्के में खलबली मची हुई है.17 वार्डों की इस नगरपालिका के नौ पार्षदों ने वर्तमान बोर्ड के खिलाफ अविश्वास […]

कालियागंज. लगभग 25 वर्षों से कालियागंज नगरपालिका के सत्ते पर काबिज रही कांग्रेस के शासनकाल का बुधवार को अंत हो गया. इस नगरपालिका पर तृणमूल ने कब्जा कर लिया है. इसके साथ ही यहां के सियासी हल्के में खलबली मची हुई है.17 वार्डों की इस नगरपालिका के नौ पार्षदों ने वर्तमान बोर्ड के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश किया है. यह सभी पार्षद कांग्रेस के ही हैं और अब जाकर तृणमूल कांग्रेस में शामिल हो गये हैं.

यह पार्षद अभी कोलकाता में हैं और वहीं से नगरपालिका अध्यक्ष मोहित सेनगुप्ता के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव को नोटिस दिया है. तृणमूल सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार कांग्रेस के ये सभी पार्षद कल कोलकाता में शहीद दिवस पर आयोजित रैली के दौरान

तृणमूल कांग्रेस में शामिल हो जायेंगे. यह सभी राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की उपस्थिति में तृणमूल कांग्रेस में शामिल होंगे. इसके साथ ही एक तरह से कहें तो कालियागंज से कांग्रेस तथा प्रियरंजन दासमुंशी के युग का अंत हो गया है.राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार पश्चिम बंगाल की राजनीति में कालियागंज शुरू से ही महत्वपूर्ण स्थान रखता है.यहां पहले प्रियरंजन दासमुंशी की चलती थी और उनके बीमार होने के बाद उनकी पत्नी दीपा दासमुंशी कांग्रेस की सबसे लोकप्रिय चेहरा रही हैं.हाल में संपन्न विधानसभा चुनावा में दीपा दासमंशी ममता बनर्जी के खिलाफ चुनाव लड़ीं और बुरी तरह से हार गयी.उसके बाद ही दीपा की लोकप्रियता काफी कम हो गयी. उत्तर दिनाजपुर जिले में एक पर एक ग्राम पंचायतों पर तृणमूल कांग्रेस ने कब्जा शुरू कर दिया. कांग्रेस के पंचायत सदस्य तृणमूल में शामिल होते चले गये और पंचायतों पर तृणमूल का कब्जा होता चला गया. नगरपालिका के उपाध्यक्ष कार्तिक पाल के नेतृत्व में कांग्रेस के नौ पार्षदों ने तृणमूल का दामन थाम लिया. कोलकाता में रहे श्री पाल ने फोन पर बताया कि शहर के विकास के लिए वह तृणमूल कांग्रेस में शामिल हो रहे हैं. वह कालियागंज शहर के विकास के लिए राजनीति में आए थे. कांग्रेस बोर्ड के रहते शहर का विकास संभव नहीं है.

तृणमूल में जाने को लेकर उन्होंने अपने साथी पार्षदों से बात की और अपना रास्ता बदल रहे हैं. इस मौके पर उन्होंने राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की भी जमकर प्रशंसा की. उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी ने पिछले पांच वर्षों के दौरान विकास के काफी काम किये हैं. वह लगातार विकास का काम कर रही है. उनकी मदद से वह सभी कालियागंज में भी विकास का काम कर सकेंगे.इधर नगरपालिका अध्यक्ष मोहित सेनगुप्ता ने भी अपने खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने की बात स्वीकार कर ली है.

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