प्रधान नगर थाने पर लगे गंभीर आरोप

सिलीगुड़ी : लीगुड़ी मेट्रोपोलिटन पुलिस कमिश्नरेट के अंतर्गत प्रधान नगर थाने की पुलिस पर कानून उल्लघंन का गंभीर आरोप लगा है. पीड़ित आदिवासी परिवार ने सिलीगुड़ी मेट्रोपोलिटन पुलिस कमिश्नरेट के खिलाफ कलकत्ता उच्च न्यायालय में मामला दायर करने का निश्चय किया है. आरोप है कि प्रधान नगर थाने की पुलिस ने एक 14 वर्षीय आदिवासी […]

सिलीगुड़ी : लीगुड़ी मेट्रोपोलिटन पुलिस कमिश्नरेट के अंतर्गत प्रधान नगर थाने की पुलिस पर कानून उल्लघंन का गंभीर आरोप लगा है. पीड़ित आदिवासी परिवार ने सिलीगुड़ी मेट्रोपोलिटन पुलिस कमिश्नरेट के खिलाफ कलकत्ता उच्च न्यायालय में मामला दायर करने का निश्चय किया है.
आरोप है कि प्रधान नगर थाने की पुलिस ने एक 14 वर्षीय आदिवासी नाबालिग को करीब दस दिन तक अवैध हिरासत में रखा और इस दौरान उसकी जमकर पिटाई की. हिरासत में रखने के लिए थाने ने अदालत से आवेदन तक नहीं किया. इसके बाद पुलिस ने नाबालिग पर भारतीय दंड विधान की धारा 307 लगाकर उसे अदालत में पेश किया. अभी यह नाबालिग सिलीगुड़ी के विशेष जेल में रखा गया है. उसे 22 जुलाई को फिर से अदालत में पेश किया जायेगा.
गत 24 जून से प्रधान नगर थाना अंतर्गत दागापुर चाय बागान इलाके का निवासी मनोज मानकी मुंडा (14) लापता था. उसके माता-पिता नहीं है. वह अपने चाचा राजू मानकी मुंडा के साथ रहता है. लापता होने के बाद चाचा ने उसे ढूंढ़ना शुरू किया. 27 जून को उसे मालूम हुआ कि मनोज प्रधान नगर थाने की हिरासत में है.
प्रधान नगर थाने के पुलिस अधिकारियों ने उसे बताया कि मनोज हत्या की कोशिश और सामूहिक बलात्कार के एक मामले में आरोपी है. तीन दिन हिरासत में रखने के बावजूद भी पुलिस ने मनोज को अदालत में पेश नहीं किया. इसके बाद राजू मानकी मुंडा अपनी दरख्वास्त लेकर दार्जिलिंग जिला लीगल एड फोरम के पास पहुंचा.
उक्त जानकारी देते हुए फोरम के महासचिव अमित सरकार ने बताया कि प्रधान नगर थाने की पुलिस ने अदालत को बिना बताये करीब दस दिन तक 14 वर्षीय नाबालिग को हिरासत में रखा. थाने में उसकी पिटाई भी की गयी है.
3 जुलाई को उसे सिलीगुड़ी अदालत में पेश किया गया. श्री सरकार ने बताया कि प्रधान नगर की पुलिस ने राजू को बताया कि मनोज सामूहिक बलात्कार और हत्या की कोशिश करने के एक मामले में आरोपी है. जबकि पुलिस ने अदालत को बताया है कि मनोज को 2 जुलाई को भारतीय दंड विधान की धारा 326 और 307 के तहत गिरफ्तार किया गया है. यानी कि उसे अदालत में बलात्कार का आरोपी नहीं बताया गया.
वर्तमान में मनोज मानकी मुंडा सिलीगुड़ी विशेष जेल में है. श्री सरकार ने कहा कि इस मामले को सिलीगुड़ी मेट्रोपोलिटन पुलिस कमिश्नर, जिला न्यायाधीश, अतिरिक्त जिला न्यायाधीश, चाइल्ड प्रोटेक्शन ऑफिसर, चाईल्ड लाइन और स्टेट लीगल अथॉरटी तक पहुंचाया गया.
पीड़ित परिवार ने राज्य की उच्च न्यायालय में मामला दायर करने का निर्णय लिया है. पीड़ित परिवार की इस कानूनी लड़ाई में जिला लीगल एड फोरम सभी प्रकार से मदद को तैयार है. इस संबध में सिलीगुड़ी मेट्रोपोलिटन पुलिस कमिश्नर सीएस लेप्चा से संपर्क करने की कोशिश की गयी लेकिन संपर्क नहीं हो पाया.

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