मालदा. अपनी स्थिति खराब करने के बाद पार्टी में दूसरे नेताअ उत्पन्न करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्यवायी करने का संकेत राज्य के परिवहन मंत्री तथा मालदा के तृणमूल पर्यवेक्षक शुभेंदु अधिकारी दे गए. इसके साथ ही जिले में संगठन को मजबूत करने के लिये 1 अगस्त के अंदर जिला कमिटी बनाने की बात भी […]
मालदा. अपनी स्थिति खराब करने के बाद पार्टी में दूसरे नेताअ उत्पन्न करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्यवायी करने का संकेत राज्य के परिवहन मंत्री तथा मालदा के तृणमूल पर्यवेक्षक शुभेंदु अधिकारी दे गए. इसके साथ ही जिले में संगठन को मजबूत करने के लिये 1 अगस्त के अंदर जिला कमिटी बनाने की बात भी उन्होंने नेताओं को कही. 21 जुलाई तक पार्टी की कमान संभालने के लिये 35 नेताओं की एक अस्थायी कमिटी भी उन्होंने गठित की.
उन्होंने कहा कि 21 जुलाई को कोलकाता में शहीद दिवस के पालन के बाद 1 अगस्त तक जिला कमिटी का गठन होगा. सोमवार को परिवहन मंत्री और जिला पर्यवेक्षक शुभेंदु अधिकारी 21 जुलाई की शहीद दिवस पालन की तैयारी करने मालदा आए थे. सोमवार सुबह ग्यारह बजे से मालदा कॉलेज ऑडिटोरियम में जिला तृणमूल नेताओं की बैठक शुरू हुयी. इस बैठक में जिला अध्यक्ष मोयांज्जम हुसैन सहित राज्य के तीन पूर्व मंत्री सवित्री मित्रा, कृष्णेंदु नारायण चौधरी और अबू नासेर खान चौधरी सहित पार्टी के अन्य नेता और कार्यकर्ता उपस्थित थे.
पत्रकारों को संबोधित करते हुए श्री अधिकारी ने कहा कि बीते विधानसभा चुनाव में मालदा के 12 विधानसभा क्षेत्रों में तृणमूल हारी है,लेकिन जनता जनार्दन ने तृणमूल से मुंह नहीं फेरा है. पंचायत चुनाव में जहां तृणमूल को 22 प्रतिशत में वोट मिला था वहीं विधानसभा चुनाव में 30 प्रतिशत वोट मिला. विधानसभा चुनाव में अपनी नाक काटकर कइ नेता दूसरे की राह में रोड़ा अटका रहे हैं. मालदा को लेकर तृणमूल सुप्रीमो ममता बनर्जी काफी चितिंत हैं. मालदा जिले में तृणमूल को सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी के रूप में उभार कर लाना होगा. श्री अधिकारी ने आगे कहा कि अपने मनमुताबिक पार्टी चलाने से परिणाम इसी प्रकार का होता है. मालदा जिले से काफी लोग तृणमूल में शामिल होना चाह रहें है. तृणमूल का जनप्रतिनिधि नहीं होने से काफी लोग हताश भी है. जिले की सभी रिपोर्ट तृणमूल सुप्रीमो तक पहुंच रही है.
उस रिपोर्ट के आधार पर सुब्रत बक्सी के साथ विचार-विमर्श भी हुआ है. चुनाव परिणाम के कई सारे कारण उभर कर सामने आये हैं. कई विंदुओ को ध्यान में रखकर ही ममता बनर्जी ने जिला संगठन को भंग किया था, लेकिन बिना जिला कमिटी के पार्टी चलाना मुश्किल है. इसी वजह से ममता बनर्जी के निर्देशानुसार एक अस्थायी कमिटी गठित की गयी है. इस अस्थायी कमिटी के चेरमैन अबू नासेर खान चौधरी एवं उपाध्यक्ष मोयांज्जम हुसैन को बनाया गया है. इस अस्थायी कमिटी में 12 विधानसभा क्षेत्र के पराजित उम्मीदवारो को भी जिम्मेदारी सौंपी गयी है. 12 जुलाई तक यही कमिटी पार्टी का संचालन करेगी. 21 जुलाई को कोलकाता में शहीद दिवस पालन के बाद 1 अगस्त तक जिला कमिटी गठित कर दी जायेगी.