पांच साल तक मेयर बने रहेंगे अशोक भट्टाचार्य, मंत्री के बयान पर माकपा लाल
सिलीगुड़ी. सिलीगुड़ी नगर निगम तथा सिलीगुड़ी महकमा परिषद पर कब्जे को लेकर यहां सियासी पारा उफान पर है. तृणमूल कांग्रेस के जिला अध्यक्ष तथा पर्यटन मंत्री गौतम देव ने बृहस्पतिवार को वाम मोरचा के कब्जे वाली सिलीगुड़ी नगर निगम तथा सिलीगुड़ी महकमा परिषद पर सभी मोरचे पर विफल रहने का आरोप लगाया था. उन्होंने कहा […]
सिलीगुड़ी. सिलीगुड़ी नगर निगम तथा सिलीगुड़ी महकमा परिषद पर कब्जे को लेकर यहां सियासी पारा उफान पर है. तृणमूल कांग्रेस के जिला अध्यक्ष तथा पर्यटन मंत्री गौतम देव ने बृहस्पतिवार को वाम मोरचा के कब्जे वाली सिलीगुड़ी नगर निगम तथा सिलीगुड़ी महकमा परिषद पर सभी मोरचे पर विफल रहने का आरोप लगाया था. उन्होंने कहा था कि राज्य में दोबारा ममता बनर्जी की सरकार बनने के बाद पूरे राज्य में विकास के काफी काम हो रहे हैं.
वहीं सिलीगुड़ी नगर निगम तथा महकमा परिषद इलाका विकास में पीछे रह गया है. उन्होंने नगर निगम के मेयर अशोक भट्टाचार्य पर भी जमकर निशाना साधा था. इतना ही नहीं, श्री देव ने वाम मोरचा तथा कांग्रेस सहित अन्य पार्षदों के तृणमूल में आने की स्थिति में उनका स्वागत करने का ऐलान किया था. गौतम देव ने कहा था कि ममता बनर्जी के विकास कार्य को देखते हुए काफी संख्या में विरोधी दलों के नेता एवं समर्थक तृणमूल कांग्रेस में शामिल हो रहे हैं.
सिलीगुड़ी नगर निगम का भी यदि कोई पार्षद तृणमूल का समर्थन करे, तो उनका स्वागत है. गौतम देव के इस ऐलान के बाद माकपा नेताओं का पारा सातवे आसमान पर है. माकपा के जिला संयोजक जीवेश सरकार ने इस मुद्दे को लेकर गौतम देव पर जमकर निशाना साधा है. उन्होंने कहा है कि मंत्री गौतम देव दिवास्वप्न देख रहे हैं. उनका यह सपना कभी भी साकार नहीं होगा. अगर तृणमूल कांग्रेस का कोई नेता इस तरह के दावे करे, तो समझ में आता है.
गौतम देव तृणमूल नेता होने से पहले एक मंत्री हैं. एक मंत्री यदि विरोधी दलों के अधीन रहे नगरपालिका अथवा महकमा परिषद पर कब्जा करने की बात करे, तो यह एक तरह से संविधा का भी अपमान है. श्री सरकार ने आगे कहा कि मंत्री सिलीगुड़ी की जनता की राय का भी अनादर कर रहे हैं. उन्हें यह नहीं भूलना चाहिए कि सिलीगुड़ी की जनता ने तृणमूल कांग्रेस को लगातार तीन चुनावों में हराया है. पहले नगर निगम चुनाव, फिर महकमा परिषद चुनाव और हाल में संपन्न विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस को मुंह की खानी पड़ी है. उसके बाद भी यदि मंत्री नगर निगम तथा महकमा परिषद पर कब्जे की कोशिश करते हैं, तो यह एक तरह से जनमत का भी अनादर है. श्री सरकार ने साफ-साफ कहा कि सिलीगुड़ी की जनता ने पांच साल के लिए नगर निगम की सत्ता वाम मोरचा को सौंपी है और अशोक भट्टाचार्य पांच वर्षों तक मंत्री बने रहेंगे.
क्या है समीकरण
सिलीगुड़ी नगर निगम में कुल 47 सीटें हैं जिनमें से 23 सीटें वाम मोरचा के कब्जे में है. निर्दलीय पार्षद अरविंद घोष उर्फ अमू दा के समर्थन से वाम मोरचा ने बोर्ड का गठन किया है और अशोक भट्टाचार्य मेयर हैं. दूसरी तरफ तृणमूल कांग्रेस के खाते में 17 सीटें हैं. जबकि चार सीट पर कांग्रेस तथा दो सीटों पर भाजपा का कब्जा है.
क्या कहा था मंत्री ने
मंत्री गौतम देव ने कहा था कि सिलीगुड़ी के विकास के लिए यदि विरोधी दल के पार्षद तृणमूल कांग्रेस को समर्थन करते हैं, तो उनका स्वागत है. राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार मंत्री ने कांग्रेस तथा भाजपा पार्षदों के साथ ही एक तरह से वाम मोरचा के पार्षदों के सामने भी चारा डाल दिया है. तृणमूल कांग्रेस दोबारा सत्ता में आने के बाद विरोधियों के कब्जे वाली एक-पर-एक ग्राम पंचायतों तथा जिला समितियों पर कब्जा कर रही है. आने वाले दिनों में तृणमूल की नीति सिलीगुड़ी नगर निगम के साथ ही सिलीगुड़ी महकमा परिषद पर भी कब्जे की है.