जेहाद के नाम पर खून-खराबा बरदाश्त नहीं : मौलाना नाजिर

सिलीगुड़ी: दहशतगर्दों (आतंकियों) का न धर्म होता है और न ही जाति. इंसानों पर जुल्म ढानेवालों की इस्लाम धर्म में कोई जगह नहीं है. इस्लाम खून-खराबे का नहीं, बल्कि प्यार-मोहब्बत का पैगाम देता है. जब इस्लाम पानी फालतू बहाने को नाजायज ठहराता है, तो खून-खराबे को कैसे जायज ठहराया जा सकता है. जेहाद के नाम […]

सिलीगुड़ी: दहशतगर्दों (आतंकियों) का न धर्म होता है और न ही जाति. इंसानों पर जुल्म ढानेवालों की इस्लाम धर्म में कोई जगह नहीं है. इस्लाम खून-खराबे का नहीं, बल्कि प्यार-मोहब्बत का पैगाम देता है. जब इस्लाम पानी फालतू बहाने को नाजायज ठहराता है, तो खून-खराबे को कैसे जायज ठहराया जा सकता है. जेहाद के नाम पर खून-खराबा और बरदाश्त नहीं किया जा सकता. यह कहना है बाबा मलंग शाह दरगाह के मौलाना नाजिर आलम का.

उन्होंने गुरुवार को शहरवासियों को ईद की मुबारकबाद दी और बांग्लादेश में आतंकी हमले की घोर निंदा की. उन्होंने कहा कि इतना बड़ा पवित्र त्योहार ईद के दिन बांग्लादेश के मयमनगंज जिले के किशोरगंज के ईदगाह पर दहशतगर्दों द्वारा किये गये बम ब्लास्ट की घटना की जितनी भी निंदा की जाये कम है. उन्होंने ब्लास्ट में मारे गये लोगों व घायलों के प्रति अफसोस जाहिर करते हुए कहा कि एक सच्चा मुसलमान लोगों का खून नहीं लेता, बल्कि प्यार बांटता है.

वहीं, दार्जिलिंग जिला यूथ कांग्रेस के महासचिव मेराज अहमद, छात्र परिषद की टाउन कमेटी के अध्यक्ष शहनवाज हुसैन व कांग्रेस अल्पसंख्यक सेल के जिला चेयरमेन मुख्तार अहमद ने भी सबों को ईद की बधाई दी और बांग्लादेश में बार-बार हो रहे आतंकी हमलों की निंदा की.

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