लापरवाही: दांत दर्द के रोगी का उड़ा होश, सरकारी अस्पताल से दी गयी एक्सपायरी दवा
जलपाईगुड़ी: सरकारी अस्पताल से एक्सपायरी तिथि वाली दवा दिये जाने का मामला सामने आया है़ उसके बाद से ही इस दवा को खाने वाले रोगियों के होश उड़े हुए हैं. प्राप्त जानकारी के अनुसार देवीपाड़ा निवासी रिटायर सरकारी कर्मचारी विलास चंद्र दत्त अपनी दांत दर्द का इलाज कराने जलपाईगुड़ी अस्पताल गए थे़. वहां डॉक्टरों ने […]
जलपाईगुड़ी: सरकारी अस्पताल से एक्सपायरी तिथि वाली दवा दिये जाने का मामला सामने आया है़ उसके बाद से ही इस दवा को खाने वाले रोगियों के होश उड़े हुए हैं. प्राप्त जानकारी के अनुसार देवीपाड़ा निवासी रिटायर सरकारी कर्मचारी विलास चंद्र दत्त अपनी दांत दर्द का इलाज कराने जलपाईगुड़ी अस्पताल गए थे़.
वहां डॉक्टरों ने दांत निकाल देने की सलाह उन्हें दी़ मंगलवार को श्री दत्त अपनी दांत निकलवाने सदर अस्पतला चले गए़ वहां डॉक्टरों ने उनकी दांत निकाल दी़ वह लौट कर घर आ गए़ दूसरे दिन दांत से रक्त निकलने लगा़ वह फिर अस्पताल गए़ वहां फिर उनकी चिकित्सा की गयी़ अस्पताल से ही उन्हें दवा भी दी गयी़ घर आने के बाद आराम नहीं मिला उल्टे हर समय नींद आने की समस्या होने लगी़ परिवार के लोगों ने उत्सुकतावश अस्पताल द्वारा दी गयी.
दवाइयों की जांच शुरू की़ दवा देखते ही घर वालों के होश उड़ गए़ दवाइयां एक्सपायरी डेट की थी़ दवा बनने की तिथि को 1602 बताया गया था और एक्सपायरी तिथि 1901 थी़ यह देखते ही परिवार के सभी लोग घबरा गये़ उनको लगा कि शायद दवा की गड़बड़ी की वजह से श्री दत्त को ना तो दांत दर्द से कोइ लाभ हो रहा है और ना ही रक्त का बहना बंद हुआ है़ उल्टे हर समय सोने की समस्या अलग से हो गयी है़ सभी लोग भागे भागे सदर अस्पताल गए़ वहां डॉक्टरों ने तकनीकी गड़बड़ी कह कर अपना पल्ला झाड़ लिया़.
मामला सीएमओएच डॉ प्रकाश मृधा के पास भी पहुंचा़ उन्होंने जानकारी मिलते ही उस दवा के वितरण को रोक दिया़ इस मामले में अस्पताल अधीक्षक डॉ गयानाथ नस्कर का कहना है कि यह एक तकनीकी गड़बड़ी है़ दवा पूरी तरह से सही है. दवा निर्माण की तिथि 2016 होना चाहिए था़ इसी तरह से एक्सपायरी डेट वर्ष 2019 की होनी चाहिए थी़ जिस कंपनी ने दवा की आपूर्ति की है,उसे इस बात की जानकारी दे दी गयी है़ रोगियों में किसी प्रकार का भ्रम नहीं फैले इसके लिए इस दवा के वितरण पर रोक लगा दी गयी है.