स्वर्ण व्यवसायियों ने दी बेमियादी हड़ताल की चेतावनी, एक प्रतिशत उत्पाद कर से नाराज हैं गहनों के कारोबारी

सिलीगुड़ी. केंद्र सरकार द्वारा पेश किये बजट से नाराज स्वर्ण व्यवसायियों ने अनिश्चतकाल के लिये हड़ताल पर जाने की चेतावनी दी है. बुधवार को सिलीगुड़ी में एक पत्रकार सम्मेलन में बृहत्तर सिलीगुड़ी स्वर्ण-रूपा व्यवसायी समिति की ओर से चंद्र प्रकाश सिंहल ने बताया कि केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने इस बार जो बजट पेश […]

सिलीगुड़ी. केंद्र सरकार द्वारा पेश किये बजट से नाराज स्वर्ण व्यवसायियों ने अनिश्चतकाल के लिये हड़ताल पर जाने की चेतावनी दी है. बुधवार को सिलीगुड़ी में एक पत्रकार सम्मेलन में बृहत्तर सिलीगुड़ी स्वर्ण-रूपा व्यवसायी समिति की ओर से चंद्र प्रकाश सिंहल ने बताया कि केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने इस बार जो बजट पेश किया है, वह सोने-चांदी के कारोबार को पूरी तरह से बर्बाद कर देगा. बजट में किये गये प्रावधानों की मार ग्राहकों पर भी पड़ेगी. स्वर्ण व्यवसासियों का कहना है कि जब तक सरकार इन नियमों को वापस नहीं लेगी, तब तक आंदोलन जारी रहेगा.
उल्लेखनीय है कि इस बार बजट में स्वर्ण व्यवसाय पर एक प्रतिशत इक्साइज ड्यूटी (उत्पाद शुल्क) लगाया गया है. इसके अतिरिक्त 2 लाख से अधिक के सोने या गहनों की खरीददारी पर पैन कार्ड अनिवार्य कर दिया गया है. पुराने गहनों की मरम्मत पर भी सेवा कर बढ़ाकर 12.5 प्रतिशत कर दिया गया है. सोना गलाने की प्रक्रिया पर भी पाबंदी लगा दी गयी है. इस बजट के अनुसार सिर्फ सरकारी मान्यता प्राप्त केंद्रों पर ही सोना गलाया जा सकता है. व्यवसायियों का कहना है कि केंद्रीय उत्पाद विभाग के अधिकारी व्यवसासियों को बेवजह काफी परेशान करेंगे. केंद्र सरकार उत्पाद शुल्क हटाकर आयात शुल्क में एक प्रतिशत की वृद्धि कर ले. इससे व्यवसासियों को उतनी परेशानी नहीं होगी. व्यवसायियों का कहना है कि पैन कार्ड की समस्या जो केंद्र सरकारी की ओर से खड़ी की गयी है, उससे ग्राणीण इलाकों का व्यवसाय पूरी तरह से ढह जायेगा. ग्रामीण इलाकों के अधिकांश नागरिक पैन कार्ड नहीं बनाते है. मिली जानकारी के मुताबिक सिलीगुड़ी में करीब साढ़े चार सौ दुकानें हैं एवं करीब चार हजार लोग इस व्यवसाय से जुड़े हुए हैं. प्रतिदिन राज्य सरकार को इस व्यवसाय से करीब 44 लाख रुपये की आय होती है. इस आंकड़े से अंदाजा लगाया जा सकता है कि स्वर्ण व्यवसाय से सरकार को कितनी आय प्राप्त होती है.
गौरतलब है कि वर्ष 2012 में यूपीए सरकार के समय तत्कालीन वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने भी कुछ इसी तरह का बजट पेश किया था. जिसके बाद पूरे देश के स्वर्ण व्यवसासियों ने पूरे 22 दिनों तक आंदोलन किया था. व्यवसायियों के रुख को देखकर सरकार को झुकना पड़ा था एवं व्यवसायियों की मांगों के अनुसार नियमों में परिवर्तन लाया गया था.

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