वह 50 पैसे में सिर्फ समोसे की ही बिक्री नहीं करते, बल्कि अपनी दुकान में प्याजी, आलू चप आदि मात्र 25 पैसे में बेचते हैं. इसके साथ ही उन्होंने एक कंडीशन भी लगा रखा है. वह सिर्फ स्कूली बच्चों को ही इतनी कम कीमत पर समासा, आलू चप, प्याजी आदि देते हैं. उनकी छोटी सी दुकान में हर दिन ही स्कूली बच्चों की भारी भीड़ उमड़ती है. इस काम में उनकी मदद पत्नी जानकी कुंडू करती हैं. इसके अलावा उनका एक पुत्र प्रताप भी समय-समय पर उनकी मदद करता है. ओल्ड मालदा थाना के पांच नंबर वार्ड के अधीन तेलमुंडई इलाके में रामजीवन कुंडू रहते हैं. उन्होंने अपने घर के एक छोटे से बरामदे को दुकान में तब्दील कर दिया है. उनके दुकान के पास ही कालाचन्द्र हाई स्कूल एवं आहलादमणि हाई स्कूल है. इन दोनों ही स्कूल के बच्चे उन्हें ‘बालक सेवा’ के नाम से जानते हैं.
स्कूली बच्चों के अलावा बाहरी लोगों को इस दुकान में आने की अनुमति नहीं है. यदि स्कूली बच्चों को देने के बाद कुछ बच जाये, तभी बाहरी लोगों को इसकी बिक्री की जाती है. ‘बालक सेवा’ नामक इस दुकान की शहर में चर्चा चल रही है. आम लोगों का कहना है कि सब्जी से लेकर तेल, जलावन आदि की कीमत काफी बढ़ गई है. ऐसे में रामजीवन कुंडू इतनी कम कीमत पर कैसे अपने विभिन्न सामग्रियों की बिक्री कर रहे हैं.
इस मामले में बातचीत करने पर श्री कुंडू ने साफ तौर पर कहा कि यह उनका पेशा नहीं, बल्कि शौक है. बच्चे उनकी दुकान पर आकर खाते हैं तो उन्हें काफी खुशी मिलती है. बच्चों की सेवा ही उनका धर्म है. पिछले 40 वर्षोँ से वह बच्चों की इसी प्रकार से सेवा करते हैं. पहले 10-20 पैसे में प्याजी, समोसे आदि की बिक्री करते थे. अभी कुछ कीमतें बढ़ा दी गई हैं. 25 से 50 पैसे में वह इन वस्तुओं की बिक्री कर रहे हैं. परिवार का खर्च चलाने के संबंध में उन्होंने कहा कि उनके पास खेती की जमीन है. उसी से परिवार का खाना-खरचा चल जाता है. दुकान का काम ईश्वर की कृपा से चल रहा है. वह जब तक जिंदा रहेंगे, बालक सेवा करते रहेंगे.
