छेत्री का कहना है कि आज से पहले भी पार्टी या एनजीओ में से किसी एक को चुनने के लिए उन्हें धमकाया गया है, लेकिन इसके बाद भी ने उन्होंने पार्टी की सेवा करना छोड़ा और ना ही एनजीओ. लेकिन आज मंत्री के रुख के बाद पार्टी व एनजीओ में से किसी एक का चयन करने को वे बाध्य हैं. छेत्री ने बताया कि वे चुनाव में पार्टी का समर्थन कर भी सकते हैं और नहीं भी. तृणमूल अध्यक्ष हीरा मोहन के पास नेता हैं, तो मेरे पास पास जनता है.
कलह: तृणमूल कर्मी सम्मेलन में सामने आयी तकरार, मंत्री गौतम देव के सामने जाहिर हुई पार्टी में दरार
सिलीगुड़ी: तृणमूल कर्मी सम्मेलन में मंत्री गौतम देव के समक्ष ही पार्टी में दरार सामने आ गयी. मंत्री ने 42 नंबर वार्ड तृणमूल के उपाध्यक्ष राकेश छेत्री को पार्टी छोड़ने की ओर इशारा किया. विधानसभा चुनाव से पहले पहले की तरह तृणमूल कांग्रेस में दरार दिखने लगी है. चुनाव प्रक्रिया के शुरुआती दौर में ही […]

सिलीगुड़ी: तृणमूल कर्मी सम्मेलन में मंत्री गौतम देव के समक्ष ही पार्टी में दरार सामने आ गयी. मंत्री ने 42 नंबर वार्ड तृणमूल के उपाध्यक्ष राकेश छेत्री को पार्टी छोड़ने की ओर इशारा किया. विधानसभा चुनाव से पहले पहले की तरह तृणमूल कांग्रेस में दरार दिखने लगी है. चुनाव प्रक्रिया के शुरुआती दौर में ही यह दरार तृणमूल कार्यकर्ताओं को हतोत्साहित कर सकती है.
रविवार को मंत्री गौतम देव सिलीगुड़ी नगर निगम के 40 नंबर वार्ड में आयोजित एक तृणमूल कर्मी सम्मेलन को संबोधित करने पहुंचे थे. इसी दौरान यह दरार सामने आयी. वार्ड तृणमूल उपाध्यक्ष राकेश छेत्री का कहना है कि वह एक गैरसरकारी संस्था से भी जुड़े हुए हैं एवं नागरिकों के हित में आवाज उठाते रहे हैं. इसे वार्ड तृणमूल उपाध्यक्ष हीरा मोहन राय व अन्य व उनके समर्थक पार्टी विरोधी गतिविधि मानते हैं.
इधर वार्ड तृणमूल अध्यक्ष हीरा मोहन राय ने बताया कि राकेश छेत्री एनजीओ के नाम पर पार्टी विरोधी हरकत करते हैं. इसी विषय को आज मंत्री के सामने रखा गया जिस पर मंत्री गौतम देव ने राकेश को पार्टी विरोधी हरकतों को बंद करने या दोनों में से किसी एक का चुनाव करने की सलाह दी है. गौरतलब है कि चुनाव के इस माहौल में ये छोटी-छोटी दरारें तृणमूल को महंगी पड़ सकती हैं. ऐसी ही दरार पिछले सिलीगुड़ी नगर निगम व सिलीगुड़ी महकमा परिषद चुनाव में देखने को मिली थी एवं इसका खमियाजा तृणमूल को भुगतना पड़ा था.