बोर्ड सदस्यों को बचाने का लगाया आरोप
सिलीगुड़ी. सिलीगुड़ी-जलपाईगुड़ी विकास प्राधिकरण (एसजेडीए) में हुए करीब 200 करोड़ रुपये के घोटाले को लेकर वाम मोरचा नेताओं का पारा एक बार फिर से चढ़ गया है. पूरे मामले की सीबीआइ जांच कराने की मांग को लेकर आज वाम मोरचा के सभी घटक दलो ंकी ओर से एसजेडीए अभियान का आयोजन किया गया था.
इस दौरान वाम मोरचा के कई नेता और भारी संख्या में समर्थक सिलीगुड़ी जंक्शन में बने एसजेडीए कार्यालय के सामने पहुंचे और जमकर विरोध प्रदर्शन किया. इस आंदोलन की अगुवाई सिलीगुड़ी के मेयर तथा पूर्व मंत्री अशोक भट्टाचार्य ने की. एसजेडीए कार्यालय के सामने आयोजित धरना-प्रदर्शन को संबोधित करते हुए उन्होंने राज्य की तृणमूल कांग्रेस सरकार के खिलाफ जमकर हमला बोला और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर एसजेडीए घोटाले में आरोपी नेताओं को बचाने का आरोप लगाया.
उन्होंने कहा कि इस घोटाले में अब तक एसजेडीए के तत्कालीन सीईओ तथा आईएएस अफसर गोदाला किरण कुमार की तथा कुछ इंजीनियरों एवं ठेकेदारों की गिरफ्तारी की गई. वास्तविक में एसजेडीए बोर्ड के सदस्यों की मंजूरी के बगैर इतना बड़ा घोटाला हो पाना संभव ही नहीं था. राज्य की तृणमूल सरकार सीआईडी जांच के नाम पर पूरे मामले को दबाने की कोशिश कर रही है. गोदाला किरण कुमार को गिरफ्तार कर एसजेडीए बोर्ड में शामिल नेताओं को बचाने की कोशिश की जा रही है. जिस समय यह घोटाला हुआ, उस समय एसजेडीए बोर्ड के चेयरमैन सिलीगुड़ी के विधायक तथा तृणमूल कांग्रेस के नेता रूद्रनाथ भट्टाचार्य थे. इस घोटाले में नाम आने के बाद से ही उनको चेयरमैन के पद से हटा दिया गया था. उनके खिलाफ अब जांच नहीं की जा रही है.
सीआईडी ने जब से जांच की जिम्मेदारी संभाली है, तब से एक बार भी रूद्रनाथ भट्टाचार्य तथा एसजेडीए बोर्ड के अन्य किसी सदस्यों से एक बार भी पूछताछ नहीं की गई. एसजेडीए बोर्ड के सदस्यों को बचाने की किसी भी कोशिश का वह लोग विरोध करेंगे. उन्होंने एक बार फिर से एसजेडीए घोटाले की जांच सीबीआई से कराने की मांग की. धरना तथा विरोध प्रदर्शन को माकपा के जिला सचिव जीवेश सरकार, सिलीगुड़ी के डिप्टी मेयर तथा आरएसपी नेता रामभजन महतो सहित वाम मोरचा के कई नेताओं ने संबोधित किया.
