किसान ने की आत्महत्या

आलू की कीमत नहीं मिलने से था परेशान, एक लाख रुपये का था लोन धान में लग गये कीड़े डीएम व बीडीओ ने दिये जांच के आदेश मालदा : फसलों का नुकसान व ऋण का बकाया राशि नहीं चुका पाने के कारण मालदा के एक आदिवासी किसान ने आत्महत्या कर ली. मृत किसान का नाम […]

आलू की कीमत नहीं मिलने से था परेशान, एक लाख रुपये का था लोन
धान में लग गये कीड़े
डीएम व बीडीओ ने दिये जांच के आदेश
मालदा : फसलों का नुकसान व ऋण का बकाया राशि नहीं चुका पाने के कारण मालदा के एक आदिवासी किसान ने आत्महत्या कर ली. मृत किसान का नाम जटिल मारडी (60) है. परिवार के किसान के परिवार का कहना है कि जटिल मारडी परिवार का एकमात्र कमानेवाला सदस्य था. मंगलवार को उसे फांसी लगा कर आत्महत्या कर ली. घटना गाजोल थानांतर्गत पांडुआ ग्राम पंचायत के फूलबाड़ी कर्मकारपाड़ा में घटी.
दूसरी ओर, मालदा में फिर किसान की आत्महत्या मामले में माकपा के किसान संगठन अखिल भारत कृषक सभा ने प्रशासन के खिलाफ उदासीनता का आरोप लगाया. जिला शासक शरद द्विवेदी ने पूरे मामले की जांच का निर्देश दिया है. उन्होंने बताया कि किसान के आत्महत्या मामले में उन्हें कोई जानकारी नहीं है.
उन्होंने पूरे मामले के जांच-पड़ताल का निर्देश ब्लॉक प्रशासन को दिया है. पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, आज सुबह घर के पास एक आम बागान से जटिल मारडी का लटकता शव बरामद किया गया. परिवार में मृतक की पत्नी सोना किस्कु, बेटा स्वपन मारडी बहू सनेका सरेन व पोता आकाश मारडी है.
मृतक किसान का बेटा सपन मारडी ने पुलिस को बताया कि घर से एक किलोमीटर दूर उसके पिता का चार बीघा जमीन था. पिछले कुछ सालों में आलू व धान के फसलों को नुकसान होने पर उन्होंने तीन बीघा जमीन बंधक रख दिया था.जमीन बंधक रख कर उन्होंने महाजन के तीन लाख रुपये उनेंने चुका दिया था. इसके बाद बाकी एक बीघा जमीन पर उन्होंने आलू व धान की खेती की थी. इस साल पहले एक बीघा जमीन पर उन्होंने जो आलू की खेती की थी, उसमें उन्हें नुकसान पहुंचा. इसके बाद धान के फलन में भी उन्हें नुकसान का सामना करना पड़ा.
बाजार में आलू के दाम नहीं मिलने व धान में कीड़े लग जाने से सारा फसल नष्ट हो गया और पिता हताश हो गये. उन्होंने बताया कि उसके पिता के कंधे पर एक राष्ट्रीय बैंक से 29 हजार 800 रुपये व साहूकार के पास 70 हजार रुपये लोन को बोझ था. लोन नहीं चुका पाने के कारण उसके पिता ने आत्महत्या कर ली.पांडुआ ग्राम पंचायत के स्थानीय माकपा सदस्य गोलापी कर्मकार ने बताया कि गरीबी के कारण ही जटिल मारडी ने आत्महत्या की है.
परिवारवाले अगर इस बारे में पहले बतातेतो पंचायत की ओर से सहायता करने की व्यवस्था की जा सकती थी. किसान के आत्महत्या मामले में जिला प्रशासन को अवगत कराया गया है.
अखिल भारत किसान सभा के जिला नेता तथा माकपा के विधायक खगेन मुमरू ने बताया कि किसान फसलों के नुकसान व साहूकार के ऋण के बोझ तले दब कर आत्महत्या का रास्ता चुन ले रहे हैं. प्रशासन को किसान की मदद के लिए आगे आना होगा. प्रशासन को जटिल मारडी का ऋण माफ करने के लिए अनुरोध किया जायेगा. गाजोल के बीडीओ सौभिक मुखर्जी ने मामले की जांच का आश्वासन दिया है.

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