पेयजल परियोजना पर पीएचई करेगा पांच करोड़ खर्च : मंत्री

2020 से शुरू होगा निर्माण कार्य शहरवासियों को मिलेगी राहत सिलीगुड़ी : राज्य सरकार फुलबाड़ी पेयजल प्रोजेक्ट के अधुनिकीरण की योजना बना रही है. सिलीगुड़ी नगर निगम के 47 वार्डों में पेयजल आपूर्ति के लिए राज्य की पीएचई विभाग अस्थाई तौर पर फुलबाड़ी पेयजल प्रोजेक्ट में दूसरे रिजर्वर की समस्या का समाधान जल्द करेगी. इस […]

2020 से शुरू होगा निर्माण कार्य शहरवासियों को मिलेगी राहत

सिलीगुड़ी : राज्य सरकार फुलबाड़ी पेयजल प्रोजेक्ट के अधुनिकीरण की योजना बना रही है. सिलीगुड़ी नगर निगम के 47 वार्डों में पेयजल आपूर्ति के लिए राज्य की पीएचई विभाग अस्थाई तौर पर फुलबाड़ी पेयजल प्रोजेक्ट में दूसरे रिजर्वर की समस्या का समाधान जल्द करेगी. इस कार्य के लिए लगभग पांच करोड़ रूपया खर्च होगा. दो-चार दिनों में काम शुरू हो जायेगा.
इसी के साथ 14 दिनों तक पानी को जमा करने की क्षमता वाला दूसरा रिजर्वर तैयार करने के लिए 2020 से काम शुरू होगा. इसके लिए डीपीआर तैयार किया जा रहा है. उक्त जानकारी गुरुवार को पत्रकारों से बातचीत करते हुए राज्य के पीएचई तथा पर्यावरण मंत्री सौमेन महापात्र ने दी.
बातचीत के दौरान श्री महापात्र ने बताया कि महानंदा नदी पर ही सिलीगुड़ी का पेयजल सप्लाई निर्भर है. जिसको ध्यान में रखते हुए फुलबाड़ी पेयजल प्रोजेक्ट पर कई कार्य किये जा रहे हैं. 1999 में वहां पानी की वैकल्पिक व्यवस्था को लेकर दूसरा रिजर्वर बैठाने की योजना बनाई गई थी. मंत्री ने बताया कि इसके विकल्प व्यवस्था को लेकर काम क्यों नहीं किया गया, इस बारे में उन्हें नहीं मालूम.
इस को ध्यान में रखते हुए पीएचई विभाग पांच करोड़ रूपये की लागत से वहां कार्य करने जा रही है. उन्होंने बताया कि फुलबाड़ी बैरेज से निकलने वाले पानी को टनल में लाकर रिजर्व किया जायेगा. जिसके बाद उस पानी के शुद्धकरण के लिए उसे वॉटर प्लांट में भेजा जायेगा. जिसके बाद शहर के लोगों को पेयजल मुहैया कराया जायेगा. उन्होंने कहा कि इससे सिंचाई विभाग को भी कोई समस्या नहीं होगी.
उन्होंने बताया कि काम दो-चार दिनों में शुरू कर दिया जायेगा. एक सवाल पर उन्होंने बताया कि राज्य के पर्यटन मंत्री ने भी उनका ध्यान इस ओर आकर्षित किया है. उन्होंने बताया कि फुलबाड़ी पेयजल योजना के लिए दूसरा वॉटर रिजर्वर ही इसका स्थायी समाधान है. इसके लिए डीपीआर तैयार किया जा रहा है. मार्च महीने में डीपीआर उनके पास पहुंच जायेगा. जिसके बाद 2020-21 के वित्तीय वर्ष में इस योजना पर काम शुरू किया जायेगा.
गौरतलब हो कि गत 2 दिसंबर को मंत्री गौतम देव ने एक संवाददाता सम्मेलन का आयोजन करके फुलबाड़ी पेयजल योजना को लेकर चिंता जाहिर की थी. उन्होंने बताया कि फिलहाल सक्रिय वाटर रिजर्वर को साफ करने की आवश्यकता है. 14 दिनों तक पानी को जमा करने के लिए दूसरे रिजर्वर की जरूरत है. उन्होंने बताया कि सिलीगुड़ी नगर निगम के लापरवाही के चलते वहां दूसरा वाटर रिर्जवर का काम पूरा नहीं हो सका. अगर उस वाटर रिजर्वर में सफाई होती है तो सिलीगुड़ी नगर निगम के 47 वार्डों में पेयजल सेवा बाधित हो जायेगी.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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