बौद्ध भिक्षु लामा रिंगजेन मेमे का हुआ भव्य स्वागत

तीन माह, तीन दिन, तीन घंटा, तीन मिनट की कठिन तपस्या कर लौटे नागराकाटा :तीन महीना तीन दिन तीन घंटा तीन मिनट की कड़ी तपस्या समाप्त करने की बाद बौद्ध भिक्षु लामा रिंगजेन मेमे गुरुवार को नागराकाटा पहुंचे. नागराकाटा पहुंचते ही नागराकाटा ब्लॉक स्थित थालझोड़ा होप चाय बगान के बौद्ध धर्मावलंबियों ने जलढाका सेतु के […]

तीन माह, तीन दिन, तीन घंटा, तीन मिनट की कठिन तपस्या कर लौटे

नागराकाटा :तीन महीना तीन दिन तीन घंटा तीन मिनट की कड़ी तपस्या समाप्त करने की बाद बौद्ध भिक्षु लामा रिंगजेन मेमे गुरुवार को नागराकाटा पहुंचे. नागराकाटा पहुंचते ही नागराकाटा ब्लॉक स्थित थालझोड़ा होप चाय बगान के बौद्ध धर्मावलंबियों ने जलढाका सेतु के निकट स्थित भानु मोड़ में भव्य स्वागत किया.

बौद्ध भिक्षु लामा रिंगजेन मेमे बौद्ध धर्मावलंबियों ने थालझोडा सेतु से बाइक रैली निकालते हुए चाय बागान स्थित बौद्ध गुंबा तक पहुंचाया. बौद्ध भिक्षु लामा रिंगजेन मेमे के स्वागत में सुबह से ही बौद्ध धर्मावलंबी अपने पारंपरिक वेशभूषा से सज्जित होकर सड़क के दोनों किनारे खड़े हुए थे. लामा रिंगजेन मेमे के भानु मोड़ पहुंचते ही उनको खुदा और माला लगाकर स्वागत किया गया.

विदित हो कि बौद्ध भिक्षु लामा रिंगजेन मेमे की उम्र 30 वर्ष है. वे थालझोड़ा होप चाय बगान के निवासी हैं. तीन वर्ष पहले वे मैसूर गए थे और वहीं उन्होंने तपस्या कर बिच्छू का उपाधि ग्रहण किया. थालझोडा निवासी उर्गेन लामा ने बताया कि हमारे चाय बागान के निवासी ने मैसूर में तीन वर्षों तक गुफा में तपस्या करने के बाद गांव लौटे हैं. उनके स्वागत के लिए एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया. केवल हमारी चाय बागान से नहीं बल्कि नागराकाटा ब्लॉक के जीती, कुर्ती, भगतपुर एवं विभिन्न चाय बागानों से भारी मात्रा में बौद्ध धर्मावलंबी यहां आए हुए हैं. जलढाका से चाय बागान पहुंचाया जाएगा और वहां भी एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन करने के बात कही.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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