आम हो या खास, जाम से सभी हलकान

समस्या की मूल जड़- अतिक्रमण एवं ई- रिक्शा टोटो के खिलाफ अभियान शुरू सिलीगुड़ी : नॉर्थ ईस्ट का गेटवे कहा जानेवाला सिलीगुड़ी शहर आज जाम की समस्या से त्रस्त है. इससे लोगों को काफी परेशानी हो रही है. ट्रैफिक पुलिस के लाख प्रयास के बावजूद जाम से मुक्ति नहीं मिल रही है, बल्कि दिनप्रतिदिन यह […]

समस्या की मूल जड़- अतिक्रमण एवं ई- रिक्शा

टोटो के खिलाफ अभियान शुरू
सिलीगुड़ी : नॉर्थ ईस्ट का गेटवे कहा जानेवाला सिलीगुड़ी शहर आज जाम की समस्या से त्रस्त है. इससे लोगों को काफी परेशानी हो रही है. ट्रैफिक पुलिस के लाख प्रयास के बावजूद जाम से मुक्ति नहीं मिल रही है, बल्कि दिनप्रतिदिन यह समस्या और बढ़ती जा रही है. विद्यार्थियों, मरीजों और नौकरीपेशा लोगों को रोजाना सड़क जाम का सामना करना पड़ता है.
हद तो तब हो जाती है जब एंबुलेंस भी जाम में फंस जाती है. इस कारण मरीज समय पर अस्पताल नहीं पहुंच पाता. कभी-कभार तो जाम के चलते लोगों की ट्रेनें एवं फ्लाइटें छूट जाती हैं. जाम पर नियंत्रण के लिए हाल में ट्रैफिक पुलिस ने टोटो के खिलाफ अभियान शुरू किया है.
पर्यटक भी परेशान : सिलीगुड़ी में प्रति वर्ष 20000 देसी एवं 15000 विदेशी पर्यटक आते हैं . जाम से उन्हें भारी परेशानी का सामाना करना पड़ता है.
छह माह में 17100 वाहनों का पंजीकरण : पहली जनवरी 2019 से 19 जून 2019 तक 17100 वाहनों का पंजीकरण हुआ है. इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि शहर में वाहनों की संख्या कितनी तेजी से बढ़ रही है.यहां लगता सबसे अधिक जाम : दार्जिलिंग मोड़, सेवक मोड़, वेनस मोड़, विधान रोड, हिलकार्ट रोड.

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