बेटे के कातिलों ने गवाह पिता पर किया जानलेवा हमला

रविउल शेख मालदा मेडिकल कॉलेज में भर्ती, हालत नाजुक मालदा : पुत्र के हत्यारों ने हत्या के चश्मदीद गवाह पिता की भी हत्या करने की कोशिश की है. हालांकि संयोग से उनकी जान बच गई है. बुधवार की रात 11 बजे के करीब यह जानलेवा हमला कालियाचक थाना अंतर्गत बालुआचरा गांव में हुआ है. घटना […]

By Prabhat Khabar Print Desk | May 3, 2019 1:44 AM

रविउल शेख मालदा मेडिकल कॉलेज में भर्ती, हालत नाजुक

मालदा : पुत्र के हत्यारों ने हत्या के चश्मदीद गवाह पिता की भी हत्या करने की कोशिश की है. हालांकि संयोग से उनकी जान बच गई है. बुधवार की रात 11 बजे के करीब यह जानलेवा हमला कालियाचक थाना अंतर्गत बालुआचरा गांव में हुआ है. घटना के बाद स्थानीय लोगों ने रविउल शेख उर्फ भोलू (62) को मालदा मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया है, जहां उनकी स्थिति गंभीर बनी हुई है.
चिकित्सकों के अनुसार 72 घंटे के पहले मरीज के बारे में कुछ भी नहीं कहा जा सकता है. घटना के बाद परिवारवालों ने हमले के आरोपी मतिन शेख और ईशा शेख व उनके सहयोगियों के खिलाफ कालियाचक थाने में शिकायत दर्ज करायी है. पुलिस ने घटना की छानबीन शुरू करते हुए आरोपियों की तलाश कर रही है.
मालदा मेडिकल कॉलेज के उपाधीक्षक डॉ. ज्योतिष चन्द्र दास ने बताया कि गोलियों और बमों से लगी चोट का इलाज आइसीयू में भर्ती कर किया जा रहा है. उनका ऑपरेशन किया गया है. 72 घंटे के बाद उनकी स्थिति स्पष्ट होगी. उल्लेखनीय है कि हमलावरों ने रविउल शेख के पुत्र नजरुल शेख (30) की हत्या कर दी थी. इस हत्या के उसके पिता रविउल शेख एकमात्र प्रत्यक्ष गवाह थे. इसीलिए हमलावरों ने इनकी भी जान लेने की कोशिश की.
पुलिस सूत्र के अनुसार बालुआचरा गांव की एक धार्मिक संस्था की कोष में घपले का नजरुल शेख ने विरोध किया था. उसके बाद ही आरोपियों ने उनकी नृशंस हत्या कर दी थी. उस समय भी रविउल शेख ने मतिन शेख और ईशा शेख व उनके सहयोगियों के खिलाफ शिकायत दर्ज करायी थी. उसके बाद से ही हत्यारोपी रविउल शेख पर शिकायत वापस लेने के लिए दबाव डाल रहे थे. जब उन्होंने शिकायत वापस लेने से इंकार किया, तो उन्होंने उन पर जानलेवा हमला कर दिया.
थाने में दर्ज शिकायत में रविउल शेख ने बताया है कि वह अपनी दुकान बंद कर बुधवार की रात घर लौट रहे थे. उसी समय बालुआचरा के एक सुनसान जगह पर बदमाशों ने उन्हें चारों ओर से घेर लिया. उसके बाद अंधेरे में उन पर गोलीबारी करने के बाद बमों से भी हमला किया गया. पीड़ित के एक रिश्तेदार सद्दाम शेख ने बताया है कि नजरुल शेख को धार्मिक संस्था का दायित्व मिला था.
डेढ़ साल के बाद ही उन्हें उनके पद से हटाकर कुछ भ्रष्ट लोगों ने संस्था पर कब्जा कर लिया. संस्था में रुपये-पैसे की भारी गड़बड़ी की गई है. नजरुल शेख ने इसी का प्रतिवाद किया था जिसकी कीमत उसे अपनी जान देकर चुकानी पड़ी. एएसपी (ग्रामीण) दीपक सरकार ने बताया कि पूरे घटनाक्रम की जांच की जा रही है. साथ ही हमलावरों की तलाश भी चल रही है.

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