दार्जिलिंग : विमल गुरुंग के कारण आंदोलन हुआ 15 साल पीछे
दार्जिलिंग : विमल गुरुंग और रोशन गिरी के कारण गोरखालैंड आन्दोलन 15 साल पीछे चला गया है. यह बात गोजमुमो (विनय गुट) के दार्जिलिंग महकमा अध्यक्ष आलोक कांत मणि थुलुंग ने गुरुवार को शहर के सोनाम वांग्दी रोड स्थित मारवाड़ी सहायक समिति भवन में आयोजित गोजमुमो की सभा में कही. सभा में पार्टी के केन्द्रीय […]
By Prabhat Khabar Digital Desk | Updated at :
दार्जिलिंग : विमल गुरुंग और रोशन गिरी के कारण गोरखालैंड आन्दोलन 15 साल पीछे चला गया है. यह बात गोजमुमो (विनय गुट) के दार्जिलिंग महकमा अध्यक्ष आलोक कांत मणि थुलुंग ने गुरुवार को शहर के सोनाम वांग्दी रोड स्थित मारवाड़ी सहायक समिति भवन में आयोजित गोजमुमो की सभा में कही.
सभा में पार्टी के केन्द्रीय कोर कमेटी सदस्यों की विशेष रूप से उपस्थिति रही. इसके अलावा केन्द्रीय कमेटी सदस्य दिनेश गुरुंग, नगेन्द्र प्रधान, नारी मोर्चा की दार्जिलिंग महकमा समिति अध्यक्ष सुषमा राई, पासांग अग्रवाल आदि मौजूद रहे.
सभा को सम्बोधित करते हुए श्री थुलुंग ने कहा कि 2017 में भाषा के नाम पर शुरू हुए आंदोलन को विमल गुरुंग और रोशन गिरी ने गोरखालैंड का नाम देकर उसे उग्र बनाया. दोनों जनता को आन्दोलन की बलिबेदी पर चढ़ाकर भाग गये और आज तक फरार हैं. भारत विश्व का सबसे बड़ा लोकतंत्र है, जहां आतंकवादी को भी अपना पक्ष रखने का मौका मिलता है.
श्री थुलुंग ने कहा कि आन्दोलन के नाम पर पहाड़ को तहस-नहस करके भागे विमल और रोशन अपने को गोरखालैंड के लिए समर्पित बताने का झूठ फैलाते रहते हैं. जबकि उन दोनों के कारण ही गोरखालैंड आन्दोलन 15 साल पीछे गया है.
उन्होंने कहा कि विमल और रोशन पहाड़ को जिस हाल में छोड़कर भागे उसे ठीक करने का काम विनय तामांग और अनित थापा ने किया. विनय व अनित के प्रयासों से पहाड़ में शांति लौट आयी है. इसी के साथ विमल और रोशन का युग समाप्त हुआ और अब विनय और अनित का युग है. पहाड़ की जनता लोकसभा चुनाव दोनों का साथ देकर अपनी एकता का परिचय दे.