दुकान से बाहर निकलना ही बना काल

सिलीगुड़ी : गोली लगने से घायल युवक की मदद करने के लिए दुकान से बाहर निकलना ही बर्मन के लिए काल बन गया. बृहस्पतिवार को उत्तर दिनाजपुर जिले के इस्लामपुर ब्लॉक अंतर्गत द्वारीभीटा हाई स्कूल के सामने जिस समय गड़बड़ी हो रही थी उस समय तापस बर्मन अपनी मिठाई एवं चाय की दुकान में बैठा […]

सिलीगुड़ी : गोली लगने से घायल युवक की मदद करने के लिए दुकान से बाहर निकलना ही बर्मन के लिए काल बन गया. बृहस्पतिवार को उत्तर दिनाजपुर जिले के इस्लामपुर ब्लॉक अंतर्गत द्वारीभीटा हाई स्कूल के सामने जिस समय गड़बड़ी हो रही थी उस समय तापस बर्मन अपनी मिठाई एवं चाय की दुकान में बैठा था. अचानक गोली लगने से राजेश सरकार नामक एक युवक घायल हो गया और उसकी दुकान के सामने ही गिरकर तड़पने लगा.
उस समय तापस अपनी दुकान में ही बैठा था. वह अपने आपको नहीं रोक पाया एवं राजेश की मदद के लिए दुकान से बाहर निकल गया. यही उसकी सबसे बड़ी गलती हो गयी. अचानक उसे भी गोली लगी और वह सड़क पर ही लुढ़क गया. कुछ इसी प्रकार का दावा तापस बर्मन के पिता बादल बर्मन ने किया है. इस्लामपुर कॉलेज में थर्ड ईयर के छात्र तापस को गोली लगने के बाद घायल अवस्था में इलाज के लिए बृहस्पतिवार शाम को उत्तर बंगाल मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में लाया गया था.
करीब 12 घंटे से अधिक समय तक उसने मौत के साथ पंजा लड़ाया. आखिरकार शुक्रवार सुबह उसकी मौत हो गयी. तापस बर्मन की चिकित्सा कराने के लिए उसके पिता बादल बर्मन सहित काफी संख्या में स्थानीय लोग भी इस्लामपुर से उत्तर बंगाल मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल आए थे. इसके अलावा स्थानीय भाजपा नेताओं का भी उत्तर बंगाल मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में जमावड़ा लगा हुआ था. सुबह जैसे ही तापस बर्मन के मौत की खबर आयी,उसके परिवार वालों तथा भाजपा खेमे में मातम पसर गया. उसके पिता ने बताया है कि तापस कॉलेज में पढ़ाई करने के साथ-साथ दुकान में भी उनका हाथ बटाता था.
उसका द्वारीभीठा हाई स्कूल के आंदोलन से कोई लेना देना नहीं था. हालांकि उसने वही पढ़ाई की थी .इसी स्कूल से मैट्रिक पास करने के बाद वह इस्लामपुर कॉलेज में भर्ती हो गया था. राजेश सरकार नामक युवक की मदद करना ही तापस को भारी पड़ गया.इस गोलीकांड में राजेश सरकार की पहले ही मौत हो चुकी है. उसके पिता ने आगे बताया कि आंदोलन के कारण स्कूल के आसपास का माहौल काफी खराब था. आंदोलनकारी काफी उग्र थे. इसके अलावा पुलिस भी अपनी ओर से कड़ी कार्रवाई कर रही थी.
रैफ के जवानों ने भी लाठियां भांजनी शुरू कर दी थी. इस आंदोलन के चक्कर में उनके बेटे की जान चली गई. उन्होंने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की. इसबीच, तापस बर्मन की मौत के बाद उसके शव को परिवार वालों को सौंपने में परेशानी का आरोप भाजपा नेताओं ने लगाया है. भाजपा नेताओं का आरोप है कि तापस की मौत सुबह ही हो गई थी. मेडिकल कॉलेज की ओर से सारी औपचारिकताएं पूरी कर ली गई. लेकिन पुलिस पोस्टमार्टम कराने के लिए शव को नहीं ले जा रही है.
भाजपा के जिलाध्यक्ष अभिजीत रायचौधरी ने आरोप लगाते हुए कहा है कि पुलिस जानबूझकर तापस का शव पोस्टमार्टम कराने में देरी कर रही है. अभिजीत चौधरी तथा अन्य भाजपा नेता शव का पोस्टमार्टम तत्काल कराने के लिए मेडिकल कॉलेज स्थित पुलिस आउट पोस्ट भी पहुंचे. दिन के करीब 3:00 बजे पुलिस मेडिकल कॉलेज पहुंची. तापस के शव का पंचनामा किया. इस बीच कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने में काफी वक्त लग गया. करीब पांच बजे शव का पोस्टमार्टम हुआ. उसके बाद परिजन तापस का शव लेकर इस्लामपुर के लिए रवाना हो गए.
आखिरकार किसकी गोली लगी
तापस बर्मन को किसकी गोली लगी यह अभी कुछ पता नहीं चल रहा है. परिवार वालों को भी पता नहीं चल रहा है कि आखिरकार गोली किसके द्वारा चलायी गयी. जिस समय माहौल गरमाया था उस समय भीड़ से बदमाश भी गोली चला रहे थे और भीड़ को काबू में करने के लिए पुलिस ने भी हवाई फायरिंग की थी. मृतक के पिता का कहना है कि बदमाशों के खिलाफ कार्यवाही होनी चाहिए. दूसरी ओर पुलिस
फायरिंग से साफ इंकार कर रही है.
सिलीगुड़ी में रैलियों का दौर
इस्लामपुर में गोली लगने से छात्र की मौत की घटना की विभिन्न संगठनों ने निंदा की है. इसको लेकर सिलीगुड़ी शहर में रैलियों का दौर शुरू हो गया है. माकपा समर्थित छात्र संगठन एसएफआई की ओर से कल राज्य भर में छात्र हड़ताल का आह्वान किया गया है. हड़ताल के समर्थन में आज एसएफआई की दार्जिलिंग जिला कमिटी की ओर से सिलीगुड़ी में रैली निकाली गयी. इसके अलावा बाघाजतीन पार्क से ऑल इंडिया डीएसओ ने भी रैली निकाली.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >