कूचबिहार : सानफोला सेतु की हालत जर्जर

रियासत के जमाने में निर्मित पुल की अब तक मरम्मत नहीं कूचबिहार : कोलकाता के माझेरहाट सेतु के ढहने के बाद फांसीदेवा इलाके में पिछला नदी पर निर्मित सेतु के ध्वस्त होने के बाद पुराने व जर्जर पुलों में शामिल बंगाल-असम के सनफोला सेतु की हालत सोचनीय है. तूफानगंज महकमा क्षेत्र में स्थित इस सेतु […]

रियासत के जमाने में निर्मित पुल की अब तक मरम्मत नहीं
कूचबिहार : कोलकाता के माझेरहाट सेतु के ढहने के बाद फांसीदेवा इलाके में पिछला नदी पर निर्मित सेतु के ध्वस्त होने के बाद पुराने व जर्जर पुलों में शामिल बंगाल-असम के सनफोला सेतु की हालत सोचनीय है. तूफानगंज महकमा क्षेत्र में स्थित इस सेतु को बंगाल-असम के बीच जीवन रेखा कहा जाता है.
सेतु की डांवाडोल हालत को देखते हुए स्थानीय लोगों ने इसको लेकर चिंता जतायी है. इन लोगों का कहना है कि समय रहते अगर इस सेतु की मरम्मत या पुनर्निर्माण नहीं कराया गया तो यह किसी रोज बड़े हादसे को न्योता दे सकता है. इसलिये इसकी मरम्मत बेहद जरूरी हो गयी है. सेतु की डांवाडोल स्थिति का अंदाज इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसके रेलिंग वाले पिलर को रस्सियों से रोककर रखा गया है.
उल्लेखनीय है इस उक्त सेतु से होकर प्रतिदिन हजारों पैदल यात्री, सैकड़ों यात्री वाहन और मालवाही वाहन सफर करते हैं. इस बीच सेतु की रेलिंग टूट गयी है. सेतु के विभिन्न हिस्सों में दरार बन गयी है.
अगर यह सेतु गिरता है तो बंगाल का असम के साथ संपर्क कट जायेगा. आम जनता की सुरक्षा के मद्देनजर स्थानीय लोगों ने सेतु की मरम्मत या पुनर्निर्माण की मांग की है. गौरतलब है कि लंबे समय से 31 नंबर राष्ट्रीय राजमार्ग का निर्माण चल रहा है. यह काम समाप्त होने की ओर है. सड़क के बीचोंबीच कल्वर्ट का भी निर्माण किया जा रहा है. हालांकि इस सड़क को जोड़ने वाले इस सेतु की ओर प्रशासन का ध्यान नहीं है.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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