दार्जिलिंग : रिटायर होने के तीन-तीन साल तक ग्रेच्युटी नहीं

न्यूनतम मजदूरी पर गेट मीटिंग के दौरान जेबी तमांग ने लगाया आरोप दार्जिलिंग : पिछले कई दिनों की तरह शनिवार को भी ज्वाइंट फोरम ने नागरी चाय बगान के मगरजुंग ब्लॉक में ज्वाइंट फोरम ने न्यूनतम मजदूरी की मांग को लेकर गेट मीटिंग की. इसमें सेवानिवृत्त चाय श्रमिकों को तीन साल बाद भी ग्रेच्युटी नहीं […]

न्यूनतम मजदूरी पर गेट मीटिंग के दौरान जेबी तमांग ने लगाया आरोप
दार्जिलिंग : पिछले कई दिनों की तरह शनिवार को भी ज्वाइंट फोरम ने नागरी चाय बगान के मगरजुंग ब्लॉक में ज्वाइंट फोरम ने न्यूनतम मजदूरी की मांग को लेकर गेट मीटिंग की.
इसमें सेवानिवृत्त चाय श्रमिकों को तीन साल बाद भी ग्रेच्युटी नहीं मिलने का भी विरोध किया गया. मीटिंग में ज्वाइंट फोरम के दार्जिलिंग हिल संयोजक जेबी तमांग विशेष रूप से उपस्थित थे. उनके अलावा वाइ लामा, धीरज राई, सुनील छेत्री, नवीन तमांग, विजय सुब्बा, रोशन राई, पलमान प्रधान, मणि कुमार तमांग, नहकुल कुमार प्रधान आदि की भी उपस्थिति रही.
अपने संबोधन में जेबी तमांग ने कहा कि अपनी पूरी जवानी चाय बागानों को समर्पित करने के बाद जब श्रमिक वृद्धावस्था में पहुंचता है और उसे सेवानिवृत्त किया जाता है तो कई ऐसे चाय बागान हैं जो उन्हें तीन साल पार होने के बाद भी ग्रेच्युटी का भुगतान नहीं कर रहे. यह सेवानिवृत्त श्रमिकों पर सरासर अन्याय है.
उन्होंने कहा कि बहुत से घरों में एक ही आदमी की बदौलत पूरे परिवार का पेट भरता है. और वह आदमी जब अवकाश प्राप्त करता है तो ग्रेच्युटी नहीं मिलने से समस्या होती है. नियमानुसार अवकाशप्राप्त श्रमिकों को 45 दिनों के भीतर ग्रेच्युटी नहीं मिलने पर बागान के मालिक व प्रबंधक के खिलाफ मामला दर्ज करने का प्रवाधान रहा है. श्री तमांग ने अपने कार्यकर्ताओं से कहा कि वे इस तरह की घटनाएं कहां-कहां हो रही हैं, इसकी पूरी खोज-खबर लें.
उन्होंने कहा कि ग्रेच्युटी नहीं मिलने के कारण कई वृद्ध अपने परिवार का पेट भरने के लिए बुढ़ापे में भी मेहनत-मजदूरी करने को मजबूर हैं. गेट मीटिंग में मगरजुंग चाय बागान के श्रमिकों की भारी भीड़ रही.

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