सिलीगुड़ी : भारत और बांग्लादेश के सीमा रक्षक बलों, सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) और बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश (बीजीबी) के बीच अभी सिलीगुड़ी में एक चार दिवसीय समन्वय वार्ता (कोऑर्डिनेशन कांफ्रेंस) चल रही है. इसमें बीएसएफ के प्रतिनिधिदल का नेतृत्व दक्षिण बंगाल सीमांत के आइजी राजेश मिश्रा और बीजीबी के प्रतिनिधिदल का नेतृत्व उत्तर-पश्चिम रिजन के कमांडर नहीदुल इस्लाम खान कर रहे हैं.
यह कांफ्रेंस बीते शुक्रवार को शुरू हुई है. बीजीबी के प्रतिनिधिदल ने सिलीगुड़ी के पास स्थित फूलबाड़ी इमीग्रेशन केंद्र से प्रवेश किया. इस कांफ्रेंस का उद्देश्य दोनों बलों के बीच तालमेल को बढ़ाना है, ताकि सीमा का प्रबंधन बेहतर हो सके और सीमा से जुड़े विभिन्न मसले एक-दूसरे के हितों का ख्याल रखते हुए हल किये जा सकें.
कांफ्रेंस के दौरान दोनों पक्षों के हितों से जुड़े विभिन्न मसलों पर चर्चा की गयी. सीमा के प्रबंधन को बेहतर बनाने के क्रम में मवेशियों, हथियारों, सोना व अन्य वस्तुओं की तस्करी प्रभावशाली ढंग से रोकने पर बात हुई. घुसपैठ और जाली नोट पर लगाम लगाने, बांग्लादेशी बदमाशों द्वारा भारतीय सीमा में घुसपैठ करके भारतीय नागरिकों पर हमले की घटनाओं को रोकने के तरीकों पर विचार हुआ. सीमा पर बुनियादी ढांचे और सीमांत इलाके में विकास कार्यों पर भी चर्चा हुई.
दोनों पक्षों ने समन्वित सीमा प्रबंधन योजना (सीबीएमपी) के तहत किये जा रहे विभिन्न कामों की प्रशंसा की. इसमें साथ-साथ गश्त लगाना, खुफिया जानकारी को साझा करना और संवेदनशील जगहों को चिह्नित करना भी शामिल है. हर स्तर पर दानों बलों के बीच बैठकों की संख्या बढ़ाने पर भी बात हुई. दोनों बलों ने राष्ट्र विरोधी गतिविधियों, ड्रग्स और मानव तस्करी की समस्या के खिलाफ साझा लड़ाई लड़ने की प्रतिबद्धता जतायी.
बीएसएफ के प्रतिनिधिदल में गुवाहाटी सीमांत के आइजी राकेश अग्रवाल, उत्तर बंगाल सीमांत के आइजी अजमल सिंह कठात भी शामिल थे. इसके अलावा बांग्लादेश (राजशाही) में भारत के सहायक उच्चायुक्त अभिजीत भट्टाचार्य भी मौजूद थे. बीजीबी प्रतिनिधिदल सोमवार को कोलकाता के रास्ते बांग्लादेश के लिए रवाना होगा.
