खोरीबाड़ी : सिलीगुड़ी तथा अलुआबाड़ी रेल खंड पर अधिकारी एक महत्वपूर्ण रेलवे स्टेशन है . कटिहार की ओर जाने वाली ट्रेन इसी स्टेशन से होकर ही गुजरती है. यहां से हर दिन ही काफी संख्या में रेलयात्री यात्रा करते हैं. लेकिन इन दिनों अधिकारी रेलवे स्टेशन प्लेटफार्म कम बल्कि पार्किंग स्टैंड ज्यादा नजर आ रहा है. यहां बड़े पैमाने पर बाइक तथा साइकिलों की पार्किंग की जा रही है.
ना केवल स्टेशन पर काम करने वाले रेलवे अधिकारी एवं कर्मचारी बल्कि आम लोग भी अपनी बाइक तथा साइकिल यहीं पार्क कर बाजार आदि चले जाते हैं . ऐसा सब कुछ रेलवे अधिकारियों की आंखों के सामने हो रहा है. उसके बाद भी इस अवैध पार्किंग स्टैंड को हटाने की कोई व्यवस्था नहीं की गई है. जिसको लेकर रेल यात्रियों में भारी रोष है.
एक अनुमान के मुताबिक हर दिन ही अधिकारी रेलवे स्टेशन पर 50 से 60 बाइक लगे रहते हैं. इसके अलावा भारी संख्या में साइकिलों की भी पार्किंग की जाती है. स्टेशन की बदइंतजामी का आलम यह है कि लोग खुलेआम सिर्फ बाइक और साइकिल पार्क ही नहीं करते बल्कि प्लेटफॉर्म पर बाइक चलाते भी हैं. जिससे दुर्घटना की भी आशंका बनी रहती है. हालांकि विभिन्न राजनीतिक दलों ने इसकी निंदा की है. तृणमूल कांग्रेस तथा भाजपा आदि दलों ने अवैध पार्किंग खत्म करने की मांग रेलवे प्रशासन से की है. जबकि रेलवे अधिकारी इस मामले में कुछ भी कहने से इनकार कर रहे हैं.
तृणमूल कांग्रेस के नेता दिलीप अग्रवाल ने बताया है कि रेलवे प्लेटफार्म पर बाइक की पार्किंग पूरी तरह से अवैध है . इससे रेल यात्रियों की सुरक्षा को भी खतरा है. रेलवे प्रशासन को वाहन मालिकों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करनी चाहिए. उन्होंने इस मामले में रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों से बात करने की भी जानकारी दी.
श्री अग्रवाल ने कहा कि अवैध पार्किंग रोकने के लिए रेलवे को कड़ा रुख अपनाना पड़ेगा. बाइक और साइकिल मालिकों को पकड़कर उन पर भारी जुर्माना लगाना पड़ेगा. उसके बाद ही वह चेतेंगे. ऐसे भी अधिकारी रेलवे स्टेशन की हालत इन दिनों काफी खराब है. यहां रेल यात्रियों को मिलने वाली सुविधाएं पूरी तरह से नदारद है. फुट ओवरब्रिज बनाने की मांग काफी दिनों से की जा रही है. रेलवे प्रशासन ने इस मांग पर कभी भी गौर नहीं किया है. दूसरी ओर भाजपा नेता कंचन देवनाथ ने भी रेलवे प्लेटफार्म पर वाहनों की पार्किंग को नाजायज ठहराया है.
उन्होंने भी रेल अधिकारियों से वाहन मालिकों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की. दूसरी ओर स्थानीय रेलवे अधिकारी राजेश रोशन का कहना है कि प्लेटफार्म पर वाहनों की अवैध पार्किंग रोकने की जिम्मेदारी आरपीएफ की है. आरपीएफ को इस पर निगरानी करनी चाहिए और अवैध रूप से पार्किंग करने वाले वाहन मालिकों के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए.
