सिलीगुड़ी: सिलीगुड़ी नगर निगम का बोर्ड भंग हुए एवं मेयर गंगोत्री दत्ता के इस्तीफे का करीब एक सप्ताह होने चला है और सिलीगुड़ी नगर निगम की स्थिति बद से बदतर होती जा रही है.
नगर निगम में सभी काम-काज राम भरोसे है और देख-रेख करने के लिए प्रशासनिक स्तर पर किसी भी तरह की कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है. सिलीगुड़ी नगर निगम में नये बोर्ड के गठन के दूर-दूर तक कोई आसार नहीं हैं. सिलीगुड़ी नगर निगम का भविष्य आने वाले दिनों में क्या होगा, इसको लेकर हर तरफ चर्चाएं की जा रही हैं. लेकिन इसका सबसे बुरा असर नगर निगम की नागरिक सेवाओं पर पड़ रहा है. हर तरफ ही बदहाली की स्थिति बनी हुई है. नगर निगम जाने पर स्पष्ट देखा जा सकता है कि यहां विभिन्न काम के लिए आये लोगों को किस तरह से इधर-उधर धक्के खाने पड़ रहे हैं. खासकर नये भवन निर्माण के लिए बिल्डिंग प्लान पास करने का काम पूरी तरह से ठप है.
अधिकारियों का कहना है कि जब तक सिलीगुड़ी नगर निगम के नये बोर्ड का गठन नहीं हो जाता और प्रशासनिक जटिलता दूर नहीं हो जाती, तब तक बिल्डिंग प्लान पास करने का काम बंद रहेगा. ऐसी बदहाली की स्थिति सिर्फ बिल्डिंग प्लान पास कराने को लेकर ही नहीं है. सिलीगुड़ी नगर निगम में इन दिनों सिर्फ जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र बनाने का ही काम हो रहा है. ट्रेड लाइसेंस की रेनुवल भी बंद है.
सैकड़ों लोग यहां ट्रेड लाइसेंस रेनुवल के लिए आकर लौट जाते हैं. शहर में विभिन्न वार्डो की साफ-सफाई, कचड़े की ढुलाई आदि का काम भी प्रभावित हो रहा है. विभिन्न वार्डो के काउंसिलरों को इस मामले में आम लोगों के रोष का भी सामना करना पड़ रहा है. विभिन्न वार्डो में सौलिड वेस्ट मैनेजमेंट का काम भी पूरी तरह से बंद है. नगर निगम सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार सिलीगुड़ी नगर निगम के कमिश्नर सोनम वांग्दी भुटिया भी सरकारी काम-काज के कारण इन दिनों कोलकाता में ही हैं. 20 तारीख को सिलीगुड़ी नगर निगम का बोर्ड भंग होने के बाद से अब तक वह कुछ ही दिन सिलीगुड़ी में रहे हैं. स्वाभाविक तौर पर इन दिनों सिलीगुड़ी नगर निगम की स्थिति बगैर अभिभावक वाली हो गयी है.
सूत्रों ने आगे बताया कि सैकड़ों लोगों ने पानी का कनेक्शन लेने के लिए पहले से ही आवेदन कर रखा है. इन दिनों पानी का कनेक्शन देने का काम भी बंद है. सिलीगुड़ी नगर निगम में पानी का कनेक्शन देने के लिए एक गैर-सरकारी संगठन को नियुक्त किया है. लेकिन इस मद में इस संगठन के तीस लाख रुपये नगर निगम के पास बाकी हैं. भुगतान न होने तक इस संगठन ने काम बंद कर दिया है.
