विमल गुरुंग की बेटी का सर्टिफिकेट फर्जी निकला, जिला अधिकारी ने जांच रिपोर्ट सरकार को भेजी

सिलीगुड़ी : गोजमुमो प्रमुख विमल गुरुंग की बेटी अन्नपूर्णा गुरूंग का शैक्षणिक सर्टिफिकेट फर्जी होने का मामला सामने आया है. माध्यमिक की परीक्षा में फेल होने के बाद नेपाल निवासी नंदा गुरुंग का चोला ओढ़कर अन्नपूर्णा ने अपनी उच्च शिक्षा प्राप्त की है. इस खुलासे ने आइसीएसइ बोर्ड की व्यवस्था के साथ-साथ राज्य व देश […]

सिलीगुड़ी : गोजमुमो प्रमुख विमल गुरुंग की बेटी अन्नपूर्णा गुरूंग का शैक्षणिक सर्टिफिकेट फर्जी होने का मामला सामने आया है. माध्यमिक की परीक्षा में फेल होने के बाद नेपाल निवासी नंदा गुरुंग का चोला ओढ़कर अन्नपूर्णा ने अपनी उच्च शिक्षा प्राप्त की है. इस खुलासे ने आइसीएसइ बोर्ड की व्यवस्था के साथ-साथ राज्य व देश की शिक्षा व्यवस्था पर भी सवालिया निशान लगा दिया है.
दार्जिलिंग जिला अधिकारी ने अन्नपूर्णा गुरुंग के सर्टिफिकेट की जांच कर एक रिपोर्ट राज्य सरकार के शिक्षा विभाग को भेज दी है. यह रिपोर्ट काउंसिल फॉर इंडिया स्कूल सर्टिफिकेट एक्जामिनेशन के चीफ एक्जक्यूटिव व सचिव को भी भेजी गयी है. इसके अतिरिक्त जांच रिपोर्ट की प्रति कलकत्ता बार काउंसिल, सीआइडी, दार्जिलिंग जिला पुलिस अधीक्षक, दार्जिलिंग जिला अदालत के सरकारी वकील को भी भेजी गयी है.
फर्जी सर्टिफिकेट बनाने के अपराध में अन्नपूर्णा गुरुंग के साथ दार्जिलिंग के दो स्कूलों के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की सिफारिश सरकार से की गयी है. विमल गुरुंग की बेटी अन्नपूर्णा गुरुंग कलकत्ता हाइकोर्ट के बार एसोसिएशन की भी सदस्य हैं. माध्यमिक परीक्षा में फेल होने के बाद भी उच्च शिक्षा हासिल कर अन्नपूर्णा कलकत्ता हाईकोर्ट में प्रैक्टिस कर रही हैं. करीब 14 वर्षों के बाद फर्जी सर्टिफिकेट का मामला सामने आने से पहाड़ पर भी खलबली मच गयी है. साथ ही राजनीतिक सरगर्मी भी तेज हो गयी है.
दार्जिलिंग जिला शासक की जांच के मुताबिक अन्नपूर्णा गुरुंग ने नेपाल निवासी किसी नंदा गुरुंग के सर्टिफिकेट पर अपनी पढ़ाई पूरी की है. जानकारी के अनुसार अन्नपूर्णा गुरुंग ने वर्ष 1994 के 31 अक्टूबर को दार्जिलिंग स्थित माउंट हरमन स्कूल की दूसरी कक्षा में नामांकन कराया. वर्ष 2004 में अन्नपूर्णा इसी स्कूल से आइसीएसइ की परीक्षा में शामिल हुई लेकिन फेल हो गयी.
इसके बाद अन्नपूर्णा दार्जिलिंग के ग्रीन लॉन्स स्कूल की छात्रा नंदा बन गयी और दार्जिलिंग हिमाली बोर्डिंग स्कूल में उसी वर्ष 16 जून को दाखिला लिया. इसी फर्जी सर्टिफिकेट के आधार पर उसने अब तक की उच्च शिक्षा प्राप्त की. उसने इसी के दम पर एलएलबी कर लिया और कलकत्ता हाईकोर्ट में प्रैक्टिस भी कर रही है.
जिला शासक की जांच के मुताबिक माउंट हर्मन स्कूल में अन्नपूर्णा की जन्मतिथि 25 अक्टूबर 1987 दर्ज है. जबकि वर्ष 2004 में आइसीएसइ बोर्ड परीक्षा में अन्नपूर्णा का इंडेक्स नंबर टी/1354/056 था. इस क्रमांक की छात्रा परीक्षा में फेल थी. वहीं नंदा गुरुंग नेपाल की निवासी है. उसके पिता पूर्ण बहादुर गुरुंग पड़ोसी देश नेपाल के रूपनदेही जिले के भलवार भैनहवा इलाका निवासी है.
नंदा गुरूंग भी वर्ष 2004 में ही दार्जिलिंग के ग्रीन लॉन्स स्कूल से आइसीएसइ की परीक्षा में शामिल हुई थी. स्कूल रिकॉर्ड के मुताबिक उसकी जन्म तिथि 20 मार्च 1987 व आइसीएसइ बोर्ड का इंडेक्स नंबर टी/1352/039 है. वह आसीएसइ की परीक्षा में पास हुई थी. अन्नपूर्णा ने नंदा गुरुंग के सर्टिफिकेटर पर अपनी आगे की शिक्षा हासिल की है.
जिला शासक ने इस फर्जीवाड़े के लिए माउंट हरमन व ग्रीन लॉन्स स्कूल प्रबंधन के खिलाफ भी कार्रवाई करने की मांग सरकार से की है. इसके साथ ही फर्जी सर्टिफिकेट के आधार पर कलकत्ता हाइकोर्ट में प्रैक्टिस कर रही अन्नपूर्णा गुरुंग के बार काउंसिल की सदस्यता भी रद्द करने की मांग की है. इस संबंध में गोजमुमो युवा मोर्चा के अध्यक्ष अरूण छेत्री ने बताया कि मामले की निष्पक्ष जांच कराये जाने के बाद दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जरूरी है.

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