सिलीगुड़ी : कामी समाज के लोगों के घरों का निर्माण करवाने के लिए राज्य सरकार द्वारा अनुमोदित 10 करोड़ रुपये के घोटाले का आरोप कामी डेवलपमेंट बोर्ड के चेयरमैन तथा वाइस चेयरमैन पर लगा है. आरोप है कि चेयरमैन तथा वाइस चेयरमैन ने दूसरे के बने घरों को दिखाकर सरकारी रकम डकार गए. सिलीगुड़ी जर्नलिस्ट क्लब में आयोजित एक पत्रकार सम्मेलन में विश्वकर्मा कामी समाज के अध्यक्ष रोहित विषुण ने यह आरोप लगाया.
पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने बताया कि राज्य सरकार की ओर से कामी समाज के लोगों के घरों का निर्माण करवाने के लिए लिए कामी डेवलपमेंट बोर्ड को 10 करोड़ रुपये दिये गये थे. 500 घरों के निर्माण करवाने की बात थी. उनका आरोप है कि 500 घरों की जगह सिर्फ 350 घरों का ही निर्माण करवाया गया. बाकी के 150 घरों को सिर्फ कागजी तौर पर बनाया गया है. उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि इस घोटाले के साथ बोर्ड के चेयरमैन तथा वाइस चेयरमैन भी जुड़े है.
इस संबंध में पिछले 19 मार्च को राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को एक पत्र लिखकर इसकी जानकारी थी. पत्र के एक एक प्रतीलिपि को दार्जिलिंग जिला की डीएम तथा कालिम्पोंग के डीएम को भेजी गयी थी. लेकिन कोई लाभ नहीं हुआ. उन्होंने सरकार से आरोपो की जांच कर उचित कदम उठाने की मांग की है. संवाददाता सम्मेलन को कामी डेवलपमेंट बोर्ड के सदस्य महेन्द्र गजमेर,यशोदा रीजाल, ज्योति शिवनाथ ने भी संबोधित किया.
