सिलीगुड़ी : उत्तर बंगाल मेडिकल कॉलेज व अस्पताल में नवजात की मौत मामले की जांच कमिटी पर पीड़ित परिवार ने भ्रमित करने का आरोप लगाया है. परिवार का आरोप है जांच कमिटी उनकी बात सुने बिना ही तरह-तरह का सवाल कर भ्रमित कर रही है. अपने कर्मचारियों को बचाने के उद्देश्य से ही मेडिकल प्रबंधन जांच के नाम पर छलावा कर रही है. हांलाकि उत्तर बंगाल मेडिकल कॉलेज व अस्पताल अधीक्षक डॉ कौशिक समाजदार निष्पक्ष जांच कराने का आशवासन दिया है.
पीड़ित परिवार ने जांच कमेटी पर लगाया भ्रमित करने का आरोप
जांच के नाम पर कर्मचारियों को बचाने की कोशिश
उल्लेखनीय है कि गत 12 जून को उत्तर बंगाल मेडिकल कॉलेज में एक नवजात बच्ची की मौत हो गयी थी. पीड़ित परिवार का आरोप है कि नर्स के हाथ से गिरने की वजह से नवजात की मौत हुयी है. जबकि नर्स और मेडिकल प्रशासन का कहना है कि जन्म के समय बच्ची के गले में नाल उलझ जाने से बच्ची की मौत हुई है. मृत बच्ची की मां फांसीदेवा निवासी कल्याणी राय ने बताया कि 11 की सुबह उन्हें भर्ती कराया और 12 की तड़के करीब चार बजे उन्होंने एक बच्ची को जन्म दिया.
जबकि बच्ची के मौत की खबर उन्हें सुबह के 6 बजे के बाद दिया गया. इस रहस्य का खुलासा मेडिकल कॉलेज की जांच टीम नहीं करना करना चाहती है. बल्कि उल्टे सवाल पूछकर हमे ही भ्रमित कर रही है. उन्होंने बताया कि घटना के दिन मेडिकल पुलिस चौकी में प्राथमिकी दर्ज करायी गयी थी. शिकायत मिलने पर मेडिकल प्रबंधन ने एक जांच कमिटी गठित की है.
मंगलवार को जांच कमिटी ने ही उन लोगों को बुलवाया था. लेकिन पूछताछ में उनका पक्ष सुने बिना ही अपनी बातों को थोप रहे हैं. इस संबंध में मेडिकल अधीक्षक डॉ कौशिक समाजदार ने बताया कि परिवार ने भी कमिटी के समक्ष अपना पक्ष रखा है. पूरी तरह से निष्पक्ष जांच करायी जा रही है. जल्द ही जांच कमिटी मामले की रिपोर्ट पेश करेगी.
