केरल नौकरी करने गये मजदूर का जीवन नर्क

कुमारगंज : खुशहाल जिंदगी के सपने लेकर 26 वर्षीय साइफुर मंडल मजदूरी करने केरल गया था. वहां काम करने के दौरान असावधानीवश वह तीन-तल्ले से गिर पड़ा. हालांकि इस घटना में उसकी जान बच गयी, लेकिन शरीर के विभिन्न हिस्सों में टूट-फूट के चलते वह आज भी अपने घर अपाहिज की तरह अपने गांव रह […]

कुमारगंज : खुशहाल जिंदगी के सपने लेकर 26 वर्षीय साइफुर मंडल मजदूरी करने केरल गया था. वहां काम करने के दौरान असावधानीवश वह तीन-तल्ले से गिर पड़ा. हालांकि इस घटना में उसकी जान बच गयी, लेकिन शरीर के विभिन्न हिस्सों में टूट-फूट के चलते वह आज भी अपने घर अपाहिज की तरह अपने गांव रह रहा है. उल्लेखनीय है कि साइफुर मंडल दक्षिण दिनाजपुर जिले के कुमारगंज ब्लॉक अंतर्गत दो नंबर समजिया ग्राम पंचायत के नेवना गांव का निवासी है.
दुर्घटना के बाद ठेकेदार ने साइफुर का प्राथमिक उपचार कराकर उसे घर भेज दिया. बाद में उसने परिवार वालों और नाते-रिश्तेदारों की मदद से कोलकाता, बेंगलुरू और बिहार जाकर अपना इलाज कराया. शारीरिक रूप से पहले से स्वस्थ होने के बावजूद पिछले सात साल से वह चलने-फिरने में असमर्थ है. इसीलिए उसने प्रशासन और समाजसेवियों से मदद की गुहार लगायी है. साइफुर के पिता अजहर मंडल भी दिहाड़ी मजदूर हैं. वे अपने बेटे के तकलीफ से मर्माहत हैं. लेकिन करें तो क्या. कोई उपाय दिख भी नहीं रहा है. उन्होंने कई बार स्थानीय ग्राम पंचायत प्रधान, ब्लॉक प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से मिलकर मदद की गुहार लगायी. लेकिन इसका कोई लाभ नहीं मिला. सभी ने आश्वासन देकर अपने कर्त्तव्य पूरे कर लिये.
रविवार को दक्षिण दिनाजपुर जिले के विद्यार्थियों के एक स्वयंसेवी संगठन उन्मिलन के सदस्यों ने साइफुर से भेंट की. संगठन की तरफ से देवाशीष सरकार ने बताया कि साइफुर के इलाज के लिए मोटी रकम की जरूरत है. सभी लोग मिलकर मदद करें तो साइफुर मंडल स्वस्थ और स्वाभाविक जीवन-यापन कर सकते हैं.

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