कूचबिहार : पेट्रोल-डीजल की मूल्यवृद्धि के खिलाफ वामपंथी पार्टी एसयूसीआई सड़क पर उतर गयी है. पार्टी ने पेट्रोल-डीजल के टैक्स में कमी कर किराया पर बोझ को कम करने की मांग की है. इसको लेकर सोमवार को दल के कार्यकर्ताओं ने शहर के बलरामपुर रोड के जामतला, साहेबगंज रोड बस स्टॉपेज, रंगपुर रोड बस स्टॉपेज समेत विभिन्न बस स्टॉपेजों पर माइक के जरिये यात्रियों में जागरुकता का प्रचार किया. इस दौरान दलीय कार्यकर्ताओं ने अपने भाषण में केंद्र व राज्य सरकारों से ईंधन पेट्रोल-डीजल पर से टैक्स में कटौती की मांग की. कहा कि ऐसा करने से परिवहन खर्च कम होगा, फलस्वरुप बसों और रेल का किराया ज्यादा नहीं बढ़ाना पड़ेगा.
आज दल के दिनहाटा जोनल सचिव मानिक बर्मन, कना दास, प्रदीप राय, हरेकांत बर्मन, मिहिर जमाल मियां जैसे नेता-कार्यकर्ताओं ने विभिन्न बस स्टैंडों में पर्चा बांटकर जागरुकता प्रचार किया. एसयूसीआई नेता मानिक बर्मन ने बताया कि पेट्रो-उत्पादों की मूल्य वृद्धि के बहाने राज्य सरकार परिवहन किराया बढ़ा रही है. जबकि राज्य व केंद्र सरकार चाहे तो परिवहन किराया पर अधिक बोझ नहीं पड़ेगा. उन्होंने बताया कि 80 रुपए प्रति लीटर पेट्रोल पर राज्य सरकार का टैक्स 16.20 पैसा है जबकि केंद्र का टैक्स 19.48 पैसा है. वहीं, 71 रुपए प्रति लीटर डीजल पर राज्य सरकार का टैक्स 10.60 पैसे है जबकि केंद्र का टैक्स 15.33 पैसे है. उन्होंने कहा कि अगर केंद्र व राज्य सरकार दोनों अपने टैक्स छोड़ दें तो ईंधन के मूल्य आधे हो जायेंगे. ईंधन के मूल्य के साथ टैक्स का संतुलन रखने से दिनहाटा-कूचबिहार का किराया जहां 50 पैसे ही बढ़ाने से चल सकता था वहीं, केवल 24 किमी रूट का बस किराया पांच रुपए बढ़ाया गया है. उन्होंने बताया कि परिवहन किराया में कमी नहीं होने तक दल का यह आंदोलन और तेज किया जायेगा.
