लोगों को किया जा रहा जागरूक
पर्जा पट्टा के लिए फार्म का वितरण
दार्जिलिंग. पर्जा पट्टा की मांग को लक्ष्य तक पहुंचाने के लिये गोजमुमो ने एक कमेटी का गठन किया है. इसकी जानकारी मोर्चा दार्जिलिंग महकमा समिति के अध्यक्ष एवं केन्द्रीय कोर कमेटी के सदस्य आलोक कांत मणि थुलुंग ने दी. मोर्चा के दार्जिलिंग महकमा समिति कार्यालय में पत्रकारों को सम्बोधित करते हुये श्री थुलुंग ने कहा कि मोर्चा ने पर्जा पट्टा की मांग को काफी गंभीरता से लिया है. जिसको लक्ष्य तक पहुंचाने के लिये पार्टी ने एक कमेटी का गठन किया है.
इस कमेटी में टीवी छेत्री, नर्बू लामा, साकाल देवान, तेंजिंग खाम्बाचे, छिरिंग दाहाल, सूरज शर्मा आदि हैं. टीवी छेत्री, साकाल देवान ने पिछले 1975 साल से पर्जा पट्टा को लेकर कार्य करते आ रहे हैं. इसलिये उनलोगों का अनुभव कमेटी को मिल सके. इसीलिए उन्हें कमेटी में शामिल किया गया है.
दार्जिलिंग पर्वतीय क्षेत्र में कितने लोगों को घर-जमीन का पर्जा पट्टा नहीं है. इसकी जानकारी प्राप्त करने के लिये पार्टी ने फार्म वितरण किया है. इसके लिए ग्रामीण क्षेत्रों से लेकर शहरी क्षेत्रों में पार्टी कार्यकर्ता काम कर रहे हैं. श्री थुलुंग ने कहा कि हमारे इस कार्य को देखकर विपक्षियों को आपत्ति है. उन्होंने कहा कि लोगों से फार्म प्राप्त होने के बाद पार्टी पर्जा पट्टा को लेकर राज्य सरकार पर दबाव बनायेगी. दार्जिलिंग नगरपालिका के कतिपय क्षेत्रों में सदियों से रहते आ रहे लोगों को घर और जमीन का पर्जा पट्टा नहीं है.
इसी तरह से कतिपय वन बस्ती क्षेत्र में सदियों से रहते आ रहे लोगों की घर और जमीन का पर्जा पट्टा नहीं है. उन्होंने ने कहा कि विपक्षी पार्टी के प्रवक्ताओं को पर्जा पट्टा के बारे में पूर्ण जानकारी नहीं है. हमारे ग्रामीण क्षेत्र के पार्टी कार्यकर्ता लोगों को जानकारी देने का काम कर रहे हैं. इसलिए आने वाले समय में पार्टी जिन लोगों के पास घर और जमीन का पर्जा पट्टा नहीं है उनके लिए जोरदार तरीके से आवाज बुलंद करेगा.
अलीपुरद्वार : चालू सत्र से ही अलीपुरद्वार महाविद्यालय में प्रस्तावित अलीपुरद्वार विश्वविद्यालय के सिलेबस (पाठ्यक्रम) के अनुसार पढ़ाई शुरु होने जा रही है. शुक्रवार को अलीपुरद्वार शहर के एक गैरसरकारी भवन में मेधावी विद्यार्थियों के अभिनंदन कार्यक्रम में उक्त जानकारी एसजेडीए चेयरमैन सौरभ चक्रवर्ती ने दी है.
प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए सौरभ चक्रवर्ती ने बताया कि हाल में राज्य के शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी के साथ इस संबंध में उनकी विस्तृत बातचीत हुई है. इस दौरान मंत्री ने उनसे कहा है कि इसी सत्र से कॉलेज में प्रस्तावित अलीपुरद्वार विश्वविद्यालय के पाठ्यक्रम के अनुसार पढ़ाई शुरु होनी चाहिये.
हालांकि अलीपुरद्वार महाविद्यालय में प्रस्तावित विश्वविद्यालय के बारे में किसी तरह का निर्देश नहीं आया है. उल्लेखनीय है कि तृतीय वर्ष के परिणाम अगस्त या सितंबर में प्रकाशित होने की बात है. उसके बाद ही विश्वविद्यालय में दाखिले का काम शुरु होगा.
हालांकि इतने कम समय में नये विश्वविद्यालय के बुनियादी ढांचे का निर्माण कितना हो सकेगा इसको लेकर कॉलेज प्रबंधन के समक्ष संशय बना हुआ है. वहीं, अलीपुरद्वार महाविद्यालय के प्राचार्य ज्योति विकास नाथ ने बताया कि फिलहाल अलीपुरद्वार महाविद्यालय के 42 स्थायी, 20 अतिथि शिक्षक और चार अंशकालीन शिक्षक कार्यरत हैं.
