श्रम मंत्री ने श्रमिकों के लिए कई योजनाओं की घोषणा की

सिलीगुड़ी: पश्चिम बंगाल सरकार के श्रम दफ्तर के अंतर्गत पश्चिम बंगाल श्रमिक कल्याण पर्षद की ओर से आज उत्तर बंगाल में पहली बार मई दिवस का पालन किया गया. शहर के सेवक रोड स्थित ऑरबिट मॉल में आयोजित मई दिवस के कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर श्रम मंत्री पूर्णेंदु बसु, उत्तर बंगाल के […]

सिलीगुड़ी: पश्चिम बंगाल सरकार के श्रम दफ्तर के अंतर्गत पश्चिम बंगाल श्रमिक कल्याण पर्षद की ओर से आज उत्तर बंगाल में पहली बार मई दिवस का पालन किया गया. शहर के सेवक रोड स्थित ऑरबिट मॉल में आयोजित मई दिवस के कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर श्रम मंत्री पूर्णेंदु बसु, उत्तर बंगाल के संयुक्त श्रम आयुक्त मोहम्मद रिजवान, श्रम दफ्तर के सचिव अमल राय चौधरी (आइएएस), श्रम आयुक्त जनाब जाविद अख्तार (आइएएस) मौजूद थे.

विशेष अतिथि के तौर पर पश्चिम बंगाल श्रमिक कल्याण पर्षद के वेलफेयर कमिश्नर पार्थ प्रतीम भौमिक व उत्तर बंगाल विकास मंत्री गौतम देव उपस्थित थे. इसके अलावा कार्यक्रम में श्रमिक व उनके परिवार के सदस्य व विभिन्न चाय बागानों के प्रतिनिधि मौजूद थे. कार्यक्रम के दौरान विभिन्न चाय श्रमिक परिवारों को आर्थिक सहायता का चेक प्रदान किया गया. कार्यक्रम के अंत में आदिवासी संप्रदाय के कलाकारों द्वारा नृत्य, संगीत आदि पेश किया गया.

श्रमिकों के हित में किए गए कार्य

श्रम कल्याण कोष: वेस्ट बेंगल लेबर वेलफेयर एक्ट-1974 के तहत प्रत्येक श्रमिक को इस कोष में तीन रुपये व मालिक प्रबंधन को प्रत्येकश्रमिक के लिए छह रुपये प्रदान करना होगा. श्रमिकों की मजदूरी, बोनस, ग्रैज्युटी अगर तीन साल के भीतर प्रदान नहीं किया गया तो ये राशि मालिक पर्षद में जमा करेंगे.

कल्याण मूलक कार्यक्रम : श्रमिकों के बच्चों के उच्च शिक्षा के लिए स्कॉलरशिप व स्टाइपेंड की व्यवस्था, माध्यमिक व उच्च माध्यमिक के विद्यार्थियों को टेस्ट पेपर प्रदान, कम आय वाले परिवार के बच्चों को कॉपी प्रदान, कन्या संतान की शादी के दौरान उन्हें 10 हजार रुपये प्रदान, गर्भावस्था में वित्तीय राशि प्रदान आदि.

वोकेशनल ट्रेनिंग : श्रमिक मंगल केंद्र में श्रमिक परिवार के सदस्यों के लिए सिलाई, इलेक्ट्रिकल, पैथोलॉजिकल प्रशिक्षण दिया जायेगा. साल के विभिन्न समय श्रमिक कल्याण केंद्रों की ओर से सांस्कृतिक कार्यक्रम, मनोरंजन व विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन व खेलकूद की व्यवस्था की जायेगी. कार्यक्रम का स्वागत भाषण उत्तर बंगाल के संयुक्त श्रम आयुक्त मोहम्मद रिजवान ने प्रस्तुत किया.

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के प्रयास से ही उत्तर बंगाल के रिंगटांग जैसे बंद पड़े 40 चाय बागानों को खोलना संभव हुआ है. समारोह को संबोधित करते हुए पश्चिम बंगाल श्रमिक कल्याण पर्षद के वेलफेयर कमिश्नर पीपी भौमिक ने कहा कि काम के बाहर श्रमिकों के मनोरंजन के लिए विशेष व्यवस्था की गयी है. चाय श्रमिकों के लिए टी गार्डेन एसोसिएशन चालू किया गया है. दूसरी ओर, अपने भाषण में जाविद अख्तर ने सभी श्रमिक व उनके परिवारों को मई दिवस की बधाई दी. श्रम दफ्तर के सचिव अमल राय चौधरी ने अपने वक्तव्य में कहा कि वर्तमान राज्य सरकार के शासनकाल में श्रमिकों की हालत सुधारी है.

श्रमिकों की हरसंभव मदद के लिए लेवर वेलफेयर एक्ट को सख्त बनाया जायेगा. पश्चिम बंगाल श्रमिक कल्याण पर्षद ने प्रत्येक चाय बागानों में ईएसआई स्कीम चालू करने के लिए केंद्र सरकार से गुहार लगायी गयी है. उन्होंने कहा कि विगत तीन सालों में पश्चिम बंगाल में 6.5 लाख श्रमिकों को 188 करोड़ की सहायता राशि दी गयी है. चाय बागान व इससे जुड़े हर पहलूओं के बारे में जानकारी के लिए टोल फ्री नंबर 1800100009 चालू किया गया है. बोर्ड ने चाय प्रत्येक चाय बागानों की समीक्षा कर एक पुस्तक तैयार किया है. जिसे आज विमोचित किया गया. यह पुस्तक प्रत्येक चाय बागान के हालात, यहां के श्रमिकों की स्थिति आदि विभिन्न तथ्यों पर आधारित है.

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