तपन : गर्मी शुरू होते ही दक्षिण दिनाजपुर जिले के तपन ब्लॉक क्षेत्र में पेयजल का संकट सामने आने लगा है. इलाके में भूगर्भजल के भाव में स्थानीय लोगों को तालाब का अशुद्ध पानी पीना पड़ रहा है. उल्लेखनीय है कि पेयजल के संकट को दूर करने के लिए दो साल पहले इस प्रखंड क्षेत्र में जलापूर्ति परियोजना पर काम शुरू किया गया था. हालांकि यह परियोजना अभी तक पूरी तरह से चालू नहीं हो सकी है. इस बीच, पंचायत चुनाव भी सामने आ गया है. स्थानीय लोगों की मांग है कि जो प्रत्याशी उनके लिए पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित करने का ठोस वादा करेंगे, उन्हें ही वोट दिया जायेगा.
तपन ब्लॉक अंतर्गत मालंचा ग्राम पंचायत के अधिकतर गांवों की यही स्थिति है. इस संपूर्ण क्षेत्र में करीब पांच हजार लोगों की आबादी बसती है. यह क्षेत्र आदिवासी बहुल होने के चलते स्थानीय लोगों का आरोप है कि उनकी समस्या के समाधान के लिए कोताही बरती जा रही है. सूत्र के अनुसार, स्थानीय पंचायत और ब्लॉक प्रशासन की तरफ से कुंए का निर्माण कर समस्या के हल का प्रयास किया गया था. हालांकि इलाके में भूगर्भ जलस्तर उपलब्ध नहीं होने के चलते ये कुंए बेकार साबित हुए. उसके बाद वहां मार्क-2 नलकूप बैठाये गये. लेकिन उनमें से भी लाल रंग का पानी निकलने से वह भी पीने के योग्य नहीं रहा. कुछ दिनों बाद यह नलकूप भी खराब हो गया. इस संकट के बीच बीएसएफ की तरफ से जलापूर्ति की व्यवस्था कर समस्या के समाधान का तात्कालिक समाधान किया जा रहा है. लेकिन स्थानीय लोगों का कहना है कि इस समस्या का स्थायी समाधान तलाशना जरूरी है.
भूगर्भ जलस्तर उपलब्ध नहीं होने के चलते कुंए बेकार साबित
जानकारी अनुसार, पिछले साल पीएचइ विभाग की तरफ से पाइप लाइन बिछाकर जलापूर्ति का प्रयास किया गया था. लेकिन वह नियमित नहीं हो सका. दो दिन पानी मिलने के बाद तीन दिनों तक पानी का इंतजार करना पड़ता है. मार्च महीने से जल संकट ने तीव्र आकार धारण किया है. ग्रामीणों का आरोप है कि जल संकट के समाधान के लिए उन्हें कई बार आश्वासन दिया गया, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान आज तक नहीं हुआ. स्थानीय ग्रामीण बिनय मंडल ने बतया कि पीएचइ की जलापूर्ति नियमित नहीं है. समस्या के समाधान के लिए जिला प्रशासन से गुहार लगायी गई थी, लेकिन कोई लाभ नहीं हुआ. इस बारे में तपन के बीडीओ सिद्धर्थ सुब्बा ने बताया कि क्षेत्र का भूगर्भ जलस्तर काफी नीचे है. यही इस संकट की मूल वजह है. प्रशासन ने समाधान के लिए प्रयास शुरू कर दिया है. पीएचइ के पाइप लाइन और मार्क-2 नलकूप के माध्यम से जलापूर्ति व्यवस्था की जा रही है.
