सिक्किम नंबर के ट्रक में तोड़फोड़

सिलीगुड़ी: अलग गोरखालैंड राज्य मांग के खिलाफ अब सिलीगुड़ी में आग भड़कने लगा है. पड़ोसी राज्य सिक्किम के मुख्यमंत्री पवन चामलिंग द्वारा गोरखालैंड के समर्थन के बाद सिलीगुड़ी के लोगों का गुस्सा सिक्किम पर भड़का हुआ है. सक्किम के वाहनों में ताड़फोड़ और वहां के लोगों के साथ मारपीट की कई घटनाएं हो चुकी है. […]

सिलीगुड़ी: अलग गोरखालैंड राज्य मांग के खिलाफ अब सिलीगुड़ी में आग भड़कने लगा है. पड़ोसी राज्य सिक्किम के मुख्यमंत्री पवन चामलिंग द्वारा गोरखालैंड के समर्थन के बाद सिलीगुड़ी के लोगों का गुस्सा सिक्किम पर भड़का हुआ है. सक्किम के वाहनों में ताड़फोड़ और वहां के लोगों के साथ मारपीट की कई घटनाएं हो चुकी है.

उसके बाद बुधवार को एक बार फिर सक्किम नंबर के एक ट्रक पर लोगों का गुस्सा भड़क गया. खाद्य सामग्रियों से भरे सिक्किम नंबर के एक ट्रक में तोड़-फोड़ की गयी और उसमें लदे सामान को भी तहस-नहस कर दिया गया. उपद्रवियों ने खाकर थाली में छेद करने वालों का भोजन बंद करने का नारा लगाया. बुधवार देपहर यह घटना सिलीगुड़ी मेट्रोपोलिटन पुलिस कमिश्नरेट की न्यू जलपाईगुड़ी थाना अंतर्गत जाबराभिटा इलाके में घटी है. जानकारी मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित किया.
पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार सिक्किम नंबर के ट्रक एसके 01 डी 1202 के जाबराभिटा इलाके से होकर सिलीगुड़ी आने के क्रम में यह घटना घटी. सिक्किम नंबर की गाड़ी को देखते ही स्थानीय कुछ युवक आग-बबूला हो गये. ट्रक को रूकवाकर उस पर लदे सामान को देखा. ट्रक में खाद्य सामग्रियां, चीनी, चावल, दाल आदि लदी हुयी थी. युवकों ने बोरियां फाड़ कर सामानों को नीचे फेंकना शुरू कर दिया. चालक के विरोध करने पर उसके साथ भी हाथापाई की गयी. जानकारी मिलते ही न्यू जलपाईगुड़ी थाने की पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को काबू में किया. पुलिस की वैन देखते ही हंगामा करने वाले युवक फरार हो गये. पुलिस के सामने स्थानीय लोगों ने गोरखालैंड की मांग करने वालों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की.

खा कर उसी थाली में छेद करने वालों का भोजन बंद करो की आवाज से पूरा इलाका गूंज उठा. स्थानीय कुछ लोगों ने बताया कि किसी भी कीमत पर बंगाल का विभाजन नहीं होने देंगे. बंगाल राज्य का खा कर कुछ लोग इसी राज्य से अलग होने का दावा कर रहे हैं. दूसरी तरफ पड़ोसी राज्य सिक्किम खाद्य के लिये पूरी तरह से बंगाल व सिलीगुड़ी पर निर्भर है. वो भी गोरखालैंड का पक्षधर बन बैठा है. ऐसे दगाबाजों का भोजन बंद कर देना चाहिए. तभी पता चलेगा कि खा कर उसी थाली में छेद करने का अंजाम क्या होता है.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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