दस महीने से गायब है पुलिसकर्मी की बेटी, मानवाधिकार आयोग ने पुलिस से मांगी रिपोर्ट

मालदा. बीते दस महीनों से लापता एमएम की एक छात्रा को खोजने के लिए पुलिस ने क्या किया, इस बारे में एक रिपोर्ट पश्चिम बंगाल मानवाधिकार आयोग ने तलब की है. आठ हफ्तों के अंदर मालदा जिले के पुलिस अधीक्षक को इस बारे में रिपोर्ट आयोग को भेजनी है. गत 19 जून को इस बारे […]

मालदा. बीते दस महीनों से लापता एमएम की एक छात्रा को खोजने के लिए पुलिस ने क्या किया, इस बारे में एक रिपोर्ट पश्चिम बंगाल मानवाधिकार आयोग ने तलब की है. आठ हफ्तों के अंदर मालदा जिले के पुलिस अधीक्षक को इस बारे में रिपोर्ट आयोग को भेजनी है. गत 19 जून को इस बारे में आयोग का निर्देश पुलिस अधीक्षक कार्यालय में पहुंचा है. इसके बाद से पुलिस महकमे में हलचल तेज हो गयी है.

उल्लेखनीय है गत दस महीने से लापता कविता मंडल (23) एक पुलिसकर्मी की बेटी है और पुलिसवाले उसका पता नहीं कर पा रहे हैं. परिवारवालों ने पुलिस पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है. उनका कहना है कि एक पुलिसकर्मी की बेटी होने के बाद भी पुलिस के आला अधिकारी उसकी तलाश करने में मदद नहीं कर रहे हैं. पुलिस के आला अधिकारियों को इस बात की जानकारी दी गयी, पर कोई लाभ नहीं हुआ है. लापता छात्रा की मां राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी तथा राज्यपाल केशरीनाथ त्रिपाठी को पत्र लिखकर मदद की गुहार लगा चुकी है.

यह घटना इंगलिश बाजार थाना इलाके की है. पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, लापता छात्रा के मोबाइल कॉल डिटेल्स से तीन युवकों का पता चला. इसमें से एक की गिरफ्तारी हुई, लेकिन बाद में वह भी जमानत पर रिहा हो गया. बाकी दो युवकों का कोई अता-पता नहीं है. इसके साथ ही छात्रा का भी कोई सुराग अब तक नहीं मिला है. हालांकि पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि छात्रा की तलाश में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरती जा रही है. उसे ढूंढ़ने की पूरी कोशिश की जा रही है.

आशीलाल मंडल की बेटी कविता मंडल (23) दस महीने पहले अचानक लापता हो गयी थी. आशीलाल मंडल इंगलिश बाजार थाने में होमगार्ड के पद पर तैनात हैं. कविता भागलपुर में एमए में पढ़ती थी. पिछले साल 10 जुलाई को एमए पास करने के बाद वह प्रमाण-पत्र लाने कॉलेज गयी थी. उसके बाद वह घर नहीं लौटी. अचानक उसके लापता हो जाने का रहस्य अब तक बना हुआ है. उन्होंने बताया कि परिवारवालों ने उसकी काफी तलाश की. कोई पता नहीं चलने के बाद 19 जुलाई को मां मंगला मंडल ने इंगलिशबाजार थाने में लिखित शिकायत दर्ज करायी.

पुलिस लापता छात्रा के बारे में कुछ भी नहीं बता पा रही है. जिला अधिकारी, पुलिस अधीक्षक से लेकर मालदा रेंज के डीआइजी, उत्तर बंगाल के आइजी तथा राज्य पुलिस के डीजी तक को चिट्ठी लिखी गयी. इसके बाद मुख्यमंत्री, राज्यपाल, महिला आयोग, मानवाधिकार से भी मदद की गुहार लगायी गयी. छात्रा के पिता तथा होमगार्ड आशीलाल मंडल का कहना है कि उनकी बेटी पिछले दस महीने से लापता है. वह बेटी की तलाश के लिए पुलिस अधिकारियों की दर-दर की ठोकरें खा रहे हैं. एक पुलिसकर्मी होते हुए भी उन्हें पुलिस की मदद नहीं मिल पा रही है. इससे वह काफी हताश हैं. पता नहीं बेटी किस हालत में है.

लापता छात्रा की मां मंगला देवी का कहना है कि उनकी बेटी पढ़ने-लिखने में काफी तेज है. किसी के साथ उनकी कोई दुश्मनी भी नहीं है. किसी के साथ प्यार-मोहब्बत की बात भी नहीं सुनी थी. अचानक वह कैसे लापता हो गयी, समझ में नहीं आ रहा है. पुलिस से बार-बार मदद की गुहार लगाने के बाद भी कोई लाभ नहीं हुआ है.

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