सिलीगुड़ी. सिलीगुड़ी नगर निगम ने अपने अस्पतालों से तीन फरजी डॉक्टरों को नौकरी से निकाल दिया है. अब इन सभी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करायी जायेगी. ये तीनों डॉक्टर पिछले दस वर्षों से निगम द्वारा संचालित स्वास्थ केंद्रो में चिकित्सा सेवा दे रहे थे. नियुक्ति के समय इन तीनों ने एमबीबीएस की डिग्री जमा करायी थी.अब जांच में इनके सभी कागजात फरजी पाये गये हैं. मेयर अशोक भट्टाचार्य ने इन तीनों फरजी डॉक्टरों से जुड़ी जानकारी जिला स्वास्थ विभाग को भी दे दी है. जिला स्वास्थ विभाग ने भी इन तीनों के खिलाफ कार्यवायी शुरू कर दी है.
इन फरजी डॉक्टरों के नाम संजय कुमार दास, कमल सरकार और सत्यरंजन सरकार बताया गया है. गौरतलब है कि सिलीगुड़ी नगर निगम के अधीन कुल 51 स्वास्थ केंद्र और दो मातृ सदन हैं. निगम सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार आज से करीब दस वर्ष पहले इन तीनों ने अस्थायी रुप से पार्ट टाइम डॉक्टर के रुप में सिलीगुड़ी नगर निगम द्वारा संचालित स्वास्थ केंद्र में काम शुरू किया था. उस समय इन तीनो ने एसबीबीएस की डिग्री जमा करायी थी. वर्तमान में ये तीनों तीन स्वास्थ केंद्र को संभाल रहे थे. पूरे राज्य में फरजी डॉक्टरों के मामले सामने आने के बाद सिलीगुड़ी नगर निगम ने भी अपने डॉक्टरों की जांच शुरू की. सिलीगुड़ी नगर निगम ने स्वास्थ केंद्र और मातृ सदनो में नियुक्त डॉक्टरों के प्रमाण पत्रों की जांच शुरू कर दी गयी. उसी दौरान मेयर अशोक भट्टाचार्य ने तीन डॉक्टरों के फरजी होने का संदेह व्यक्त किया था. उसके बाद जांच में वही तीनों डॉक्टर फरजी पाये गये हैं.
सिलीगुड़ी नगर निगम के उपमेयर राम भजन महतों ने बताया कि जांच में स्वास्थ केंद्र के तीन डॉक्टर के कागजात फरजी पाये गये हैं. इन तीनों ने आयुर्वेद व होमियोपैथी संबधित किसी शिक्षण संस्थान से प्राप्त एमबीबीएस की डिग्री जमा करायी थी. जो कि फरजी साबित हुआ है. उन तीनों डॉक्टरों को नौकरी से तत्काल निकाल दिया गया है और उनसे जुड़ी तमाम जानकारियां स्वास्थ विभाग को दे दी गयी है.
