सिलीगुड़ी सदर अस्पताल: रोगियों को देखने के लिए डॉक्टर नहीं, बाहर से चमचम, भीतर से बेदम

सिलीगुड़ी. बाहर से चमचमाता सफेद और नीले रंग का सिलीगुड़ी सदर अस्पताल भीतर से खोखला हो गया है. यहां रोगियों को देखने के लिए डॉक्टर ही नहीं है. मेडीसिन के चार डॉक्टर एक साथ छुट्टी पर हैं. स्वास्थ्य विभाग के नोटिस के बाद भी इनमें से कोई भी ड्यूटी पर नहीं लौटा है. कुल मिलाकर […]

सिलीगुड़ी. बाहर से चमचमाता सफेद और नीले रंग का सिलीगुड़ी सदर अस्पताल भीतर से खोखला हो गया है. यहां रोगियों को देखने के लिए डॉक्टर ही नहीं है. मेडीसिन के चार डॉक्टर एक साथ छुट्टी पर हैं. स्वास्थ्य विभाग के नोटिस के बाद भी इनमें से कोई भी ड्यूटी पर नहीं लौटा है. कुल मिलाकर कहें तो, डॉक्टरों के बिना सिलीगुड़ी जिला अस्पताल राम भरोसे चल रहा है. एक तरफ राज्य सरकार नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य परिसेवा मुहैया कराने के दावे कर रही है, तो दूसरी तरफ उत्तर बंगाल का यह प्रमुख अस्पताल बदहाल है.

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, सिलीगुड़ी जिला अस्पताल के मेडीसिन विभाग में कुल चार डॉक्टर है. यही चार डॉक्टर ओपीडी, इमरजेंसी तथा इनडोर में भरती रोगियों का इलाज करते हैं. लेकिन पिछले दो सप्ताह से ये चारों डॉक्टर एक साथ छुट्टी पर चले गये हैं. इनके अलावा, अस्पताल में तीन सर्जन भी हैं. लेकिन इनमें से एक सर्जन की शारीरिक स्थिति ठीक नहीं है. वर्तमान में वह परिसेवा दे पाने में असमर्थ है. बाहरी डॉक्टरों को बुलाकर किसी तरह अस्पताल चल रहा है. ओपीडी की हालत भी कुछ ऐसी ही है. ओपीडी के भी कई डॉक्टर छुट्टी पर हैं या देरी से आते हैं. टिकट लेकर घंटों कतार में खड़े रहने के बाद रोगी या उनके परिजनो को वापस लौटना पड़ रहा है. रोगियों व उनके परिवार वालों को आरोप है कि टिकट लेने के लिये घंटों कतार में खड़ा रहना होता है. टिकट लेने के बाद डॉक्टर से मुलाकात करने के लिए लाइन लगानी पड़ती है. इसके बाद पता चलता है कि किसी कारणवश आज डॉक्टर साहब नहीं आये हैं. कभी-कभी डॉक्टर काफी देर से आते हैं.

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, मेडीसिन विभाग के जो चार डॉक्टर छुट्टी पर हैं, उनमें से एक डॉक्टर अपने निजी चेंबर व सदर अस्पताल के सामने एक दवा दुकान में रोज बैठ रहे हैं. थोड़ा खंगालने पर पता लगा कि सिलीगुड़ी जिला अस्पताल में डॉक्टरों के कई पद खाली हैं. अच्छी स्वास्थ्य परिसेवा के लिए सदर अस्पताल में आइसीयू, सीसीयू आदि खोल दिया गया है. लेकिन उसके मुताबिक डॉक्टरों की संख्या काफी कम है. ऊपर से जब डॉक्टर छुट्टी पर चले जाते हैं, तो स्थिति और खराब हो जाती है.

गत शुक्रवार को जिला मुख्य स्वास्थ्य अधिकारी ने दावा किया था कि सोमवार से सिलीगुड़ी सदर अस्पताल में डॉक्टरों की उपस्थिति पूर्ववत रहेगी. लेकिन ऐसा नहीं हुआ. सोमवार को अस्पताल में उपस्थित न होने पर स्वास्थ्य विभाग ने उन चारों डॉक्टरों को तीन दिन के भीतर अस्पताल में ड्यूटी ज्वाइन करने का नोटिस जारी किया. लेकिन बुधवार को भी किसी ने ज्वाइन नहीं किया.
इस संबंध में जिला मुख्य स्वास्थ्य अधिकारी असित विश्वास, सिलीगुड़ी सदर अस्पताल अधीक्षक अमिताभ मंडल से संपर्क करने की कोशिश की गयी, लेकिन संपर्क नहीं हो पाया. अंत में सिलीगुड़ी सदर अस्पताल के रोगी कल्याण समिति के चेयरमैन डॉ रूद्रनाथ भट्टाचार्य से संपर्क साधा गया, लेकिन कोलकाता में होने की वजह से उनसे बात नहीं हो पायी. दीवार पर सफेद और नीला चमकदार रंग, फर्श पर मार्बल, कांच की खिड़की और वातानुकूलित कक्ष किस काम के, जब अस्पताल में डॉक्टर ही नहीं हैं.

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