दार्जीलिंग : हिंसाग्रस्त दार्जीलिंग पहाड़ियों में महिलाओं के एक समूह ने अलग गोरखालैंड की मांग के लिए गांधीगीरी का सहारा लिया. तिरंगे और पोस्टर हाथ में लिए महिलाओं ने रैलियां निकाली और नारे लगाए, ‘ ‘हमें गोरखालैंड चाहिए ‘ ‘, ‘ ‘गांधी के देश में, गांधीगीरी जिंदाबाद ‘ ‘.
इस समूह की एक सदस्य रोमिता राय ने पीटीआई से कहा, ‘ ‘हमारा मानना है कि हिंसा किसी बात का हल नहीं है और ना ही इससे किसी उद्देश्य की पूर्ति हो सकती है. ब्रिटिश राज से भारत को आजादी महात्मा गांधी के अहिंसक आंदोलन और सत्याग्रह की वजह से मिली. हमारा मानना है कि अगर हमें बंगाल से आजादी चाहिए और यदि हम हमारा अलग राज्य चाहते हैं तो हमें भी अहिंसा और सत्याग्रह का रास्ता अपनाना होगा. ‘ ‘
समूह की एक अन्य सदस्य मीना गुरुंग ने कहा कि वे हर रोज रैलियां निकालेंगे, लेकिन ना तो भड़काउ नारेबाजी करेंगे और ना ही हिंसा करेंगे. बस गोरखालैंड बनाने की अपनी मांग का नारा लगाएंगे. यदि पुलिस हमें रोकेगी तो हम सड़क पर ही बैठ जाएंगे और शांतिपूर्ण प्रदर्शन करेंगे.
गुरुंग ने बताया कि उनकी योजना भूख हड़ताल करने की भी है. ये महिलाएं विभिन्न धर्म, जाति और दलों से हैं.
एक अन्य सदस्य ने कहा, ‘ ‘मीडिया का एक वर्ग हमारी ऐसी तस्वीर पेश कर रहा है जैसे कि हम गोरखा हिंसक लोग हैं लेकिन यह सच नहीं है. प्रदर्शन करने के हमारे नए तरीके से बाकी देश तक हमारी सही तस्वीर पहुंचेगी.’ ‘
