गौरतलब है कि दार्जीलिंग जिला अंतर्गत समतल में तीन सिलीगुड़ी, माटीगाड़-नक्सलबाड़ी और फांसीदेवा विधानसभा क्षेत्र है. पहले इन इलाकों में विभिन्न विकास कार्य दार्जीलिंग से नहीं बल्कि सिलीगुड़ी महकमा परिषद द्वारा होते थे. हाल ही में सिलीगुड़ी महकमा परिषद के अधिकार को कम कर दिया गया है. विधायक फंड से लेकर विधानसभा क्षेत्र में काम कराने की जिम्मेदारी जिला शासक कार्यालय को दे दी गयी है. गोरखालैंड आंदोलन की वजह से वर्तमान में पहाड़ की स्थिति नाजुक है. जिला प्रशासन का ध्यान पहाड़ की स्थिति को शांत करने पर लगा हुआ है.इसकी वजह से विकास कार्यों पर असर पड़ा है.
आलम यह है कि सिलीगुड़ी, माटीगाड़-नक्सलबाड़ी व फांसीदेवा विधानसभा क्षेत्र से संबंधित कार्यों के लिए दिये गए पत्रो के जवाब तक नहीं मिल रहे. विधायक विकास फंड के रूपये भी नहीं मिल रहे हैं. ऐसे में सिलीगुड़ी महकमा परिषद का अधिकार वापस किये जाने की मांग सिलीगुड़ी नगर निगम के मेयर सह विधायक अशोक भट्टाचार्य ने की है. पत्रकारों को संबोधित करते हुए श्री भट्टाचार्य ने बताया कि उन्होंने फोन पर जिला शासक से संपर्क कर विधायक फंड सहित कुछ अधिकार महकमा परिषद को वापस करने की मांग की है. उन्होंने कहा कि गोरखालैंड आंदोलन की वजह से पहाड़ के लोग मुसीबत को झेल ही रहे हैं. साथ ही सिलीगुड़ी व आस-पास का विकास कार्य भी ठप पड़ा हुआ है.
