सिलीगुड़ी. हिंसा में जल रहे दार्जीलिंग पहाड़ की स्थिति आने वाले दिनों में और भी बिगड़ने की संभावना है.गोजमुमो सुप्रीमों विमल गुरूंग ने पुलिस और राज्य सरकार पर तानाशाही का आरोप लगाते हुए पहाड़ के सभी लोगों से एकजुट होकर इसका विरोध करने की अपील की है. विमल गुरूंग अभी अपने आवास में ही हैं या नहीं यह अभी नहीं कहा जा सकता है. उनके घर के बाहर पुलिस छावनी बनी हुई है. वह अपने घर से नहीं निकल रहे हैं .पिछले दो दिनों से उनको किसी ने नहीं देखा है .हांलाकि माना जा रहा है कि वह अपने घर में ही हैं.इस बीच उन्होंने एक वीडियो अपील जारी की है. उन्होंने पुलिस और राज्य सरकार पर तानाशाही का आरोप लगाया है और हर ओर से इसका विरोध करने की अपील उन्होंने पहाड़ वासियों से की है.उन्होंने आज की पुलिस कार्यवाइ को भी बर्बर बताया.
श्री गुरूंग ने कहा कि पुलिस का अत्याचार लगातार बढ़ रहा है. गोरखालैंड आंदोलन को पुलिस के बल पर कुचलने की कोशिश की जा रही है. ना केवल उनके घर अपितु आम गोरखा के घर पर भी पुलिस तालाशी के नाम पर तोड़फोड़ कर रही है. गोरखालैंड की मांग को लेकर नारी मोरचा ने शनिवार को गणतांत्रिक तरीके से रैली निकाली थी. पुलिस ने इस रैली पर फायरिंग की. जो लोग पुलिस फायरिंग में मारे गए हैं,वह शहीद हुए हैं. उनको वह सलाम करते हैं. श्री गुरूंग ने आगे कहा कि पुलिस की इस कार्यवाइ के खिलाफ सभी को एक होकर इसका मुंहतोड़ जवाब देना होगा.उन्होंने राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा गठित विभिन्न विकास बोर्ड के पदाधिकारियों को भी इस्तीफा देने के लिए कहा.
