हालात सामान्य होने तक दार्जिलिंग में ही रहेंगी सीएम

सिलीगुड़ी/दार्जिलिंग: भाषा विवाद को लेकर दार्जिलिंग पर्वतीय क्षेत्र में हिंसा के बाद अब भी पहाड़ की स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है. मुख्यमंत्री ममता बनर्जी स्वयं पूरे हालात पर नजर रख रही हैं. उन्होंने एेलान कर दिया है कि पहाड़ की स्थिति सामान्य होने तक वह दार्जिलिंग में ही रहेंगी. फिलहाल उनकी पहली प्राथमिकता पहाड़ से […]

सिलीगुड़ी/दार्जिलिंग: भाषा विवाद को लेकर दार्जिलिंग पर्वतीय क्षेत्र में हिंसा के बाद अब भी पहाड़ की स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है. मुख्यमंत्री ममता बनर्जी स्वयं पूरे हालात पर नजर रख रही हैं. उन्होंने एेलान कर दिया है कि पहाड़ की स्थिति सामान्य होने तक वह दार्जिलिंग में ही रहेंगी. फिलहाल उनकी पहली प्राथमिकता पहाड़ से करीब 10 हजार पर्यटकों को सकुशल यहां से निकालना है.

इसे ध्यान में रखते हुए युद्ध स्तर पर पर्यटकों को निकालने का काम शुरू हो गया है. पहाड़ पर गोजमुमो द्वारा आहूत 12 घंटे के बंद के बीच पर्यटकों को यहां से निकाला जा रहा है. इसके लिए पुलिस तथा प्रशासन की ओर से विशेष इंतजाम किये गये हैं. एनबीएसटीसी की ओर से पर्यटकों को निकालने के लिए विशेष बसें चलायी जा रही हैं. दार्जिलिंग से शुक्रवार को पर्यटकों से लदी पहली बस को सुबह करीब 11 बजे रवाना किया गया. गोजमुमो के बंद को देखते हुए इन बसों के साथ पुलिस की गाड़ियां भी चल रही थीं. दार्जिलिंग से पर्यटकों को सिलीगुड़ी के लिए रवाना किया जा रहा है.

उसके बाद यहीं से पर्यटक अपने आगे की यात्रा करेंगे. पर्यटकों को किसी प्रकार की कोई समस्या नहीं हो, इसके लिए न केवल दार्जिलिंग में बल्कि सिलीगुड़ी में भी विभिन्न स्थानों पर हेल्फ डेस्क बनाये गये हैं. न्यू जलपाईगुड़ी रेलवे स्टेशन के अलावा, सिलीगुड़ी जंक्शन और दार्जिलिंग मोड़ में पर्यटकों के लिए हेल्प डेस्क बनाये गये हैं. राज्य के पर्यटन मंत्री गौतम देव शुक्रवार को इन सभी स्थानों पर गये और अधिकारियों को पर्यटकों की मदद के लिए आवश्यक कदम उठाने का निर्देश दिया. उसके बाद श्री देव ने राज्य के परिवहन विभाग के मुख्य सचिव अलापान बंद्योपाध्याय के साथ भी बैठक की. उन्होंने परिवहन विभाग के मुख्य सचिव के साथ वाहनों की व्यव्स्था को लेकर बातचीत की.
इस बीच, पर्यटकों को सही सलामत अपने-अपने घरों तक रवाना करने के लिए एनबीएसटीसी की ओर से विशेष व्यवस्था की गयी है. दार्जिलिंग के चौरस्ता से पर्यटकों को सुबह 11 बजे से ही सिलीगुड़ी लाया जाने लगा. कालिम्पोंग से भी पर्यटक सिलीगुड़ी आये. इतना ही नहीं, सिलीगुड़ी जंक्शन से हर दो घंटे पर एनबीएसटीसी ने कोलकाता के लिए बस सेवा शुरू की है. पर्यटन मंत्री गौतम देव ने कहा है कि पर्यटकों को किसी प्रकार की कोई परेशानी नहीं होने दी जायेगी. राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी स्वयं पर्यटकों के सही सलामत घर पहुंचने की निगरानी कर रही हैं. ऐसा नहीं है कि ममता बनर्जी पहली बार पर्यटकों की मदद कर रही हैं. राज्य के पर्यटक दूसरे राज्यों में भी यदि फंस जाते हैं,तो वहां से भी सकुशल उनको वापस लाने के लिए प्रयास करती है.
एयरपोर्ट पर भी विशेष व्यवस्था
दूसरी ओर, बागडोगरा एयरपोर्ट पर भी पर्यटकों के लिए विशेष व्यवस्था की गयी. एयरपोर्ट को सुबह पांच बजे ही यात्रियों के लिए खोल दिया गया. एयरपोर्ट निदेशक राकेश आर सहाय ने बताया है कि यात्रियों को किसी प्रकार की कोई परेशानी न हो, इसके लिए तमाम आवश्यक उपाय किये गये हैं. बागडोगरा एयरपोर्ट पर सुबह से ही यात्रियों की भीड़ लगने लगी. जानकारी के मुताबिक बंद की घोषणा होने के साथ ही पर्यटक दार्जिलिंग से निकलने लगे थे. वह सिलीगुड़ी आने के क्रम में सीधे बागडोगरा एयरपोर्ट आ जायें, इसी कारण एयरपोर्ट को पांच बजे सुबह ही खोल दिया गया.
बसों में मुफ्त सेवा
पर्यटकों को राज्य सरकार की बसों में मुफ्त यात्रा करने की सुविधा दी जा रही है. यह जानकारी पर्यटन मंत्री गौतम देव ने दी. उन्होंने कहा कि दार्जिलिंग से सिलीगुड़ी और फिर सिलीगुड़ी से कोलकाता के लिए यात्रा करनेवाले पर्यटकों को कोई पैसा नहीं देना पड़ेगा. यह सुविधा शुक्रवार और शनिवार को भी दी जायेगी.
दिल्ली का विमान का किराया 20 हजार
इस पर्यटन मौसम में पहाड़ पर घूमने आनेवाले पर्यटकों को गोजमुमो के अचानक आंदोलन से काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. खासकर दिल्ली और कोलकाता जानेवाले पर्यटक परेशान हैं. हिंसा के बीच किसी तरह से जान बचाकर ये पर्यटक तो दार्जिलिंग से सिलीगुड़ी आ गये, अब आगे जाने में परेशानी हो रही है. कोलकाता के लिए तो राज्य सरकार की ओर से बसों की व्यवस्था की जा रही है, लेकिन दिल्ली जानेवाले पर्यटक क्या करें. ट्रेनों में कोई टिकट नहीं है. विमान कंपनियों ने भी अपना किराया अचानका बढ़ा दिया. पर्यटकों का आरोप है कि दिल्ली के लिए शुक्रवार को 20 हजार से अधिक रुपये में टिकट मिल रहा है. कोलकाता के लिए भी किराया करीब 14 हजार रुपये है.
सिलीगुड़ी के सभी होटल फुल
दार्जिलिंग से किसी तरह से जान बचाकर आये पर्यटक सिलीगुड़ी आकर फंस गये हैं. खासकर दिल्ली, बिहार तथा दक्षिण राज्यों से आये पर्यटकों को अपने घर जाने की कोई व्यवस्था उपलब्ध नहीं हो पायी है. ऐसे पर्यटकों की संख्या काफी अधिक है, जिनके पास एक या दो दिन बाद लौटने का टिकट है. ऐसे पर्यटक यहां के विभिन्न होटलों में रुक गये हैं. सिलीगुड़ी के सभी होटल पर्यटकों से भरे पड़े हैं.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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