गतिरोध: जेबीसीसीआइ-10 की चौथी बैठक में भी प्रबंधन व यूनियन के बीच नहीं बनी सहमति, प्रबंधन ने नहीं किया खुलासा, होगी हड़ताल

आसनसोल. साढ़े तीन लाख कोयला श्रमिकों तथा ठेका श्रमिकों के नये वेतनमान तथा विभिन्न भत्ताें के निर्णय के लिए गठित जेबीसीसीआइ-10 की चौथी बैठक भी बेनतीजा रही. प्रबंधन ने नये वेतनमान में वृद्धि के संबंध में कोई प्रस्ताव नहीं रखा. साथ ही आगामी 19 जून से प्रस्तावित त्रिदिवसीय हड़ताल को स्थगित करने की अपील की. […]

आसनसोल. साढ़े तीन लाख कोयला श्रमिकों तथा ठेका श्रमिकों के नये वेतनमान तथा विभिन्न भत्ताें के निर्णय के लिए गठित जेबीसीसीआइ-10 की चौथी बैठक भी बेनतीजा रही. प्रबंधन ने नये वेतनमान में वृद्धि के संबंध में कोई प्रस्ताव नहीं रखा. साथ ही आगामी 19 जून से प्रस्तावित त्रिदिवसीय हड़ताल को स्थगित करने की अपील की. यूनियन प्रतिनिधियों ने यह कह कर इस अपील को खारिज कर दिया कि हड़ताल की नोटिस सीएमपीएफओ के इपीएफओ में विलय के सरकारी निर्णय के खिलाफ केंद्रीय सरकार को दी गयी है. इस कारण इस मुद्दे पर सरकार से ही वार्ता हो सकती है. उन्होंने हड़ताल करने की घोषणा जारी रखी.

जेबीसीसीआइ सदस्य व सीएमएस (एटक) के महासचिव आरसी सिंह तथा वैकल्पिक सदस्य व कोलियरी मजदूर कांग्रेस (एचएमएस) के महासचिव एसके पांडेय ने कहा कि सेवा निवृत्त कोयला कर्मियों के मेडीकेयर योजना को मंजूूरी दी गयी तथा इसकी नियमावली बनाने का दायित्व स्कीम बनानेवाली कमेटी को दे दी गयी. उन्होंने कहा कि इसके बाद कोयला श्रमिकों के पेंशन के मुद्दे पर चर्चा शुरू हुयी. संबंधित कमेटी ने अपनी अनुशंसा में कहा कि यदि सीएमपीएफ में पेंशन मद में 14 फीसदी की वृद्धि कर दी जाये तो सीएमपीएफ का वित्तीय संकट दूर हो जायेगा तथा आगामी कई दशकों तक पूर्व कोयला श्रमिकों को पेंशन नियमित रूप से मिलता रहेगा. तय हुआ कि इस प्रस्ताव को सीएमपीएफ ट्रस्टी बोर्ड को सौंप दिया जाये. वहां इसकी विस्तृत रूपरेखा तय कर इसे अगली बैठक में पेश किया जायेगा. सनद रहे कि इस मुद्दे पर यूनियन प्रतिनिधियों ने कोयला उत्पादन पर प्रति टन सेस लगाने का भी प्रस्ताव दिया था. जिसे मंजूरी नहीं मिली.

श्री सिंह ने कहा कि प्रबंधन प्रतिनिधियों ने वेज रीविजन के मुद्दे पर कोई कार्ड नहीं खोला. उनका कहना था कि इस मामले में प्रबंधन ने अभी कोई ठोस निर्णय नहीं लिया है. उन्होंने कहा कि यूनियन प्रतिनिधियों को अगामी 19 जून से प्रस्तावित त्रिदिवसीय हड़ताल स्थगित करना चाहिए. इससे सीआइएल तथा इससे जुड़ी कोयला कंपनियों की वित्तीय स्थिति और अदिक खराब हो जायेगी तथा इसका असर वेतन समझौते पर भी पड़ेगा.

यूनियन प्रतिनिधियों ने इस अपील को एक सिरे से खारिज करते हउए कहा कि हड़ताल की मुख्य मांग सीएमपीएफओ के इपीएफओ में विलय के निर्णय के खिलाफ है तथा यूनियनों ने हड़ताल की नोटिस केंध्रीय सरकार को दी है. इस मुद्दे पर कोई भी वार्ता सरकार से होगी. सीआइएल प्रबंधन का इस मांग से कोई संबंध नहीं है. उन्होंने हड़ताल स्थगित करने से साफ-साफ इंकार करते हुए कहा कि जब तक विलय का निर्णय वापस नहीं लिया जाता, तबतक हड़ताल के साथ ही सभी आंदोलन जारी रहेंगे. इसके बाद बैठक स्थगित हो गयी. अगली बैठक की तिथि भी तय नहीं हुयी.

बैठक में ये थे शामिल: बैठक में सीआइएल के कार्मिक व औद्योगिक सलाहकार आर मोहनदास, कार्मिक निदेशक (प्रभारी) एसएन प्रसाद, वित्त निदेशक सीके दे , तकनीकी निदेशक एस शरण, डब्ल्यूसीएल व इसीएल के सीएमडी आरआर मिश्र, एमसीएल के सीएमडी एके झा, एसइसीएल के सीएमडी बीआर रेड्डी, एनसीएल के सीएमडी तापस कुमार नाग, एनसीएल के कार्मिक निदेशक शांतिलता साहु, इसीएल के कार्मिक निदेशक केएस पात्र, एससीसीएल के सीएमडी एन श्रीधर तथा निदेशक (कार्मिक, प्रशासन व कल्याण) जे पवित्र कुमार तथा यूनियन प्रतिनिधियों में एचएमएस के नत्थूलाल पांडेय, राजेन्द्र कुमार सिंघा, उमाशंकर सिंह, बीएमएस के डॉ बीके राय, प्रदीप कुमार दत्त, बीके राय, वाइएन सिंह, एटक के रमेन्द्र कुमार, आरसी सिंह, सीतारमैय्या वी, सीटू के डीडी रामानंदन, वंशगोपाल चौधरी, एम नरसिंहाराव, वैकल्पिक सदस्यों में एचएमएस के रियाज अहमद, राघवन रघुनंदन, शिवकांत पांडेय, राजेश कुमार सिंह, बीएमएस के विंदेश्वरी प्रसाद, ए श्रीनिवास राव, लेटी जगमोहन, लक्ष्मण चन्द्र, एटक के लखन लाल महतो, अशोक कुमार दूबे, हरिद्वार सिंह तथा सीटू के एसएच बेग, जेएस सोधी व मानस कुमार चटर्जी शामिल थे.

विभिन्न पहलुओं पर हुई चर्चा

कोल इंडिया लिमिटेड (सीआइएल) के चेयरमैन सुतीर्थ भट्टाचार्या के विदेश दौरे पर होने के कारण बैठक की अध्यक्षता सीसीएल सह बीसीसीएल के सीएमडी गोपाल सिंह ने की. बैठक सुबह दस बजे से शुरू हुयी तथा इसका समापन अपराह्न् चार बजे हुआ. इस बीय प्रबंधन तथा यूनियन प्रतिनिधियों के बीच कई मुद्दों पर लंबी तथा गर्मागर्म बहस हुयी. कई बार माहौल तनावपूर्ण बना. नेता द्वय ने बताया कि बैठक में सबसे पहले रिटायर्ड कोयला कर्मियों की चिकित्सा से संबंधित मेडीकेयर स्कीम के प्रारूप को पेश किया गया. इस प्रारूप को इससे संबंधित सब कमेटी ने पिछली बैठक में ही सर्वसहमति से पारित कर दिया था. इसके विभिन्न पहलुओं पर चर्चा हुयी. तय था कि इसमें प्रत्येक कोयला कर्मी के लिए 58 हजार रुपये का योगदान करना होगा. इसमें से 40 हजार रुपये का योगदान संबंधित कोयला कर्मी करेगा तथा शेष 18 हजार का भुगतान उसके पक्ष में कंपनी करेगी. इसके बाद जेबीसीसीआ िने इसे मंजूरी दे दी. तय हुआ कि इसकी नियमावली तथा इसके संचालन के लिए बोर्ड ऑफ ट्रस्टी का गठन करना होगा. इसकी नियमावली बनाने का दायित्व स्कीम बनानेवाली कमेटी को ही दे दी गयी. जेबीसीसीआइ की अगली बैठक में इसकी नियमावली पेश की जायेगी तथा इसके बाद इसे अंतिम मंजूरी दी जायेगी.

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