संदेशखाली रो रहा है, जल रहा है और ममता बनर्जी हंस रहीं हैं, तृणमूल सरकार को उखाड़ फेंकना होगा : शुभेंदु अधिकारी

तृणमूल कांग्रेस असल में बुआ-भतीजा की कंपनी है, जहां टीएमसी के सारे प्रत्याशी कर्मचारी हैं. संदेशखाली रो रहा है, जल रहा है और ममता बनर्जी हंस रहीं हैं. बंगाल से तृणमूल कांग्रेस सरकार को उखाड़ फेंकना होगा.

तृणमूल कांग्रेस असल में बुआ-भतीजा की कंपनी है, जहां टीएमसी के सारे प्रत्याशी कर्मचारी हैं. संदेशखाली रो रहा है, जल रहा है और ममता बनर्जी हंस रहीं हैं. बंगाल से तृणमूल कांग्रेस सरकार को उखाड़ फेंकना होगा. उत्तर 24 परगना के संदेशखाली में नैजाट में एक जनसभा के बाद तृणमूल प्रत्याशियों की घोषणा पर राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने ये बातें कहीं.

टीएमसी के उम्मीदवारों की घोषणा से कोई भयभीत नहीं

उन्होंने कहा कि तृणमूल प्रत्याशियों की घोषणा से न तो पश्चिम बंगाल में कोई भयभीत है और न खुश होने की जरूरत है. ये सब बुआ-भतीजा की कंपनी के कर्मचारी है. कुछ दिनों बाद ममता बोलेंगी कि वही 42 सीटों पर प्रत्याशी हैं. लेकिन जब चोरी पकड़ी जायेगी, तो बोलेंगी पार्थ दा ने ये सब किया, उन्हें कुछ नहीं पता.

हमलोग चुनाव आयोग से अपील करेंगे कि शेख शाहजहां के अलावा वैसे कई सारे गुंडों को जेल में डालना होगा. बंगाल में 25 से 30 संदेशखाली हैं. संदेशखाली की मां-बहनों की इज्जत लूटने वालों को नहीं छोडे़ंगे. इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (इवीएम) से इसका बदला लिया जायेगा. संदेशखाली रो रहा है. जल रहा है और ममता बनर्जी हंस रही हैं. इस तृणमूल की सरकार को उखाड़ फेंकना होगा.

शुभेंदु अधिकारी, भाजपा नेता

पूरा बंगाल मोदीमय : शुभेंदु अधिकारी

वह कहेंगी कि माणिक ऐसा कर सकता है, वह सोच नहीं सकती हैं. बालू सही है, उसे फंसाया गया है. तृणमूल तीन नामों से डरी हुई है- नरेंद्र मोदी, भाजपा और सनातन. उन्होंने पूछा कि रामनवमी की छुट्टी की कैसे घोषणा की गयी? उन्होंने कहा कि हिंदुत्व की अलख जगी, तो ममता बनर्जी डर गईं और उनकी सरकार को रामनवमी पर छुट्टी देने के लिए मजबूर होना पड़ा. उन्होंने कहा कि पूरा बंगाल मोदीमय है. बंगाल में मोदी राज शुरू हो रहा है.

तमलूक में भाजपा की जीत का अंतर और बड़ा होगा

तमलूक से देवांशु भट्टाचार्य को तृणमूल कांग्रेस उम्मीदवार बनाये जाने पर बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि देवांशु वहां 3 लाख से अधिक मतों के अंतर से पराजित होंगे. तमलूक संसदीय सीट पर जस्टिस अभिजीत गांगुली जीतेंगे. अब तमलूक में बीजेपी उम्मीदवार की जीत का अंतर और बड़ा होगा.

बोले शुभेंदु अधिकारी – फैशन शो हुआ, पागलू डांस बाकी रह गया

ब्रिगेड की सभा में रैंप बनाए जाने पर भी शुभेंदु अधिकारी ने तंज कसा. कहा कि रैंप करके फैशन शो हुआ. उन्होंने कहा कि केवल पागलू डांस बाकी रहा. इधर, जनसभा के दौरान श्री अधिकारी ने कहा कि संदेशखाली की मां-बहनों की इज्जत लूटने वालों को नहीं बख्शा जायेगा. केवल एक शाहजहां को अंदर करने से नहीं होगा, बल्कि ऐसे कई शाहजहां हैं, जिन्हें जेल में डालना होगा.

चुनाव आयोग से ये अपील करेगी बंगाल भाजपा

शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि हमलोग चुनाव आयोग से अपील करेंगे कि शेख शाहजहां के अलावा वैसे कई सारे गुंडों को जेल में डालना होगा. उन्होंने कहा कि बंगाल में 25 से 30 संदेशखाली हैं. संदेशखाली की मां-बहनों की इज्जत लूटने वालों को नहीं छोडे़ंगे. उन्होंने कहा कि इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (इवीएम) से इसका बदला लिया जायेगा. संदेशखाली रो रहा है. जल रहा है और ममता बनर्जी हंस रही हैं. इस तृणमूल की सरकार को उखाड़ फेंकना होगा.

दीदी! दो भाई आपको उखाड़ फेंके

वहीं, ममता बनर्जी पर कटाक्ष करते हुए प्रदेश भाजपा अध्यक्ष सुकांत मजूमदार को शुभेंदु अधिकारी ने भाई के रूप में संबोधित किया. उन्होंने कहा, दीदी! आप एक भी फुटेज नहीं पायेंगी. आप जहां जायेंगी, दो भाई सुकांत मजूमदार और शुभेंदु अधिकारी आपका पीछा करेंगे और आपको उखाड़ फेंकेंगे.

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By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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