नदी कटाव से प्रभावित लोगों को नहीं मिली सरकारी मदद

एक साल से निगम के स्कूलों में रहने को हैं मजबूर

कोलकाता. गंगा के कटाव से अब कोलकाता में रहने वाले लोग भी प्रभावित हो रहे हैं. गंगा किनारे स्थित कई इमारतों को नुकसान पहुंचा है. घटना रत्न बाबू घाट इलाके की है. एक साल पहले काटव के कारण नदी किनारे रहने वाले लोग प्रभावित हुए थे. जमीन धंसने पर कई घरों को नुकसान पहुंचा था. इन घरों में रहनेवालों को पिछले एक साल से राहत शिविरों में रहना पड़ रहा है. कोलकाता नगर निगम के वार्ड नंबर एक के चंद्रकुमार राय लेन में गंगा के कटाव के कारण कई परिवारों की छतें छिन गयी हैं. फिलहाल वे निगम के स्कूल में रह रहे हैं. निगम से प्राप्त जानकारी के अनुसार, रतनबाबू घाट इलाके में नदी कटाव के कारण भूमि धंसने से 12 घर ढह गये हैं. ज्ञात हो कि रतनबाबू घाट के चंद्रकुमार राय लेन निवासी मणि विश्वास नामक एक व्यक्ति ने हाल में ही मेयर से संपर्क किया था. उन्होंने बताया कि उनका घर गंगा में समा गया है. तब से सरकारी स्कूल में रहते है. फिरहाद हकीम ने कहा कि राज्य सरकार की ओर से जल्द ही घर बना कर प्रभावितों को सौंपा जायेगा. मेयर ने बताया कि समस्या के समाधान के लिए बोरो के चेयरमैन तरुण साहा से भी चर्चा की है. उन्होंने कहा कि एक जगह चिह्नित की गयी है. उसी स्थान पर प्रभावितों के लिए घर बनाया जायेगा. मेयर ने बताया कि बार-बार हमें चुनाव कराना पड़ता है. इसमें काफी समय लगता है. उन्होंने बताया कि लोकसभा चुनाव के संपन्न होने में ही ढाई महीने का समय लगा है. उन्होंने बताया कि कोलकाता में भूमि की उपलब्धता भी एक समस्या है. बताया कि जिनके घर गंगा में डूबे हुए हैं, वे पाटुली या बेहला में नहीं रहना चाहते. इसलिए उसी क्षेत्र में जमीन की तलाश की जा रही थी.

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