संवाददाता, कोलकाता
माइंस सेफ्टी अवार्ड 2024 खनन उद्योग की सुरक्षा और नवाचार के प्रति अटूट प्रतिबद्धता का उदाहरण है. आज यह मंच अनुकरणीय सुरक्षा प्रथाओं का जश्न मना रहा है और दूसरों को भी ऐसा करने के लिए प्रेरित करता है. साथ मिलकर हम भारत के खनन क्षेत्र के लिए एक सुरक्षित और अधिक टिकाऊ भविष्य बना सकते हैं. ऐसे अवार्ड से भारत के खनन उद्योग में सुरक्षा और उत्कृष्टता की संस्कृति को और अधिक बढ़ावा मिलेगा. केंद्र सरकार खनन उद्योग में सुरक्षा को हर तरफ से बढ़ावा पर जोर दे रही है. ये बातें भारत सरकार के डायरेक्टरेट जनरल ऑफ माइंस सेफ्टी (डीजीएमएस) प्रभात कुमार ने कहीं. ऑल इंडिया माइंस सेफ्टी एसोसिएशन (एआइएमएसए) द्वारा डीजीएमएस के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम की मेजबानी कोल इंडिया लिमिटेड ने की.
न्यूटाउन स्थित विश्व बांग्ला कनवेंशन सेंटर पर पहली बार राष्ट्रीय स्तर के माइंस सेफ्टी अवार्ड (एमएसए) 2024 आयोजित हुआ. इसमें देश में माइंस सेफ्टी में उत्कृष्ट उपलब्धियों का सम्मान किया गया. बड़े, मध्यम और लघु उद्योगों के कोयला, धातु, तेल और गैस की श्रेणियों में कुल 45 खदानों को एमएसए 2024 अवार्ड से सम्मानित किया गया. महिला बचाव दल (अखिल भारतीय खान बचाव प्रतियोगिता की विजेता) को भी महिला सशक्तीकरण को बढ़ावा देने के लिए सम्मानित किया गया.
मौके पर श्री कुमार ने मीडिया को बताया कि यह कार्यक्रम खनन कार्यों में बेहतर सुरक्षा मानकों को बढ़ावा देने और मान्यता देने में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हुआ. खनन के क्षेत्र में माइंस सेफ्टी को लेकर बनाये गये नियमों और मानकों का कठोरता से पालन किया जा रहा है. माइंस सेफ्टी को और अधिक कारगर बनाने में सुरक्षा के विभिन्न पहलुओं पर जोर दिया जा रहा है.
उन्होंने कहा कि सुरक्षा के लिए सरकार भी नयी-नयी पहल कर रही है. सेफ्टी मैनेजमेंट प्लान, सेल्फ रेगुलेशन, साइंटिफिक स्टडी समेत तमाम सुरक्षा के नियमों और मानकों पर जोर देने के साथ ही नयी तकनीकों पर बल दिया जा रहा है. उन्होंने कहा कि एमएसए अवार्ड से सेफ्टी मैसेज भी जायेगा, जो एक अच्छी पहल है. इसे और बढ़ावा मिलेगा.
मौके पर इस्टर्न कोलफिल्ड लिमिटेड (इसीएल) और भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (सीएमडी) चेयरमैन व मैनेजिंग डॉयरेक्टर के समीरण दत्त ने कहा कि यह राष्ट्रीय माइंस सेफ्टी अवार्ड 2024 माइंस सेफ्टी को अधिक महत्व देने के लिए किया गया. क्योंकि हर किसी की जान कीमती है. डीजीएमएस ने नेशनल प्रतियोगिता करने का निर्णय लिया और फिर इंस्पेक्शन के बाद विजेताओं का शार्टलिस्ट चयन एआइएमएसए द्वारा गठित एक समिति द्वारा किया गया, जो उत्कृष्ट प्रदर्शन क��ने वाली खदानों द्वारा प्रस्तुत आंकड़ों के मूल्यांकन पर हुआ, जो सुरक्षा प्रथाओं में उत्कृष्टता को दर्शाते हैं.
एमएसए अवार्ड के साथ ही कार्यक्रम में माइंस उद्योग से जुड़े सुरक्षा व प्रौद्योगिकियों को प्रदर्शित करने वाली एक प्रदर्शनी भी लगायी गयी थी. कार्यक्रम में सभी खनन उद्योगों और खनन बिरादरियों ने भाग लिया और उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वालों को सम्मानित किया गया. इस कार्यक्रम के आयोजन के लिए एक आयोजन समिति का गठन किया गया, जिसके अध्यक्ष के रूप में बीसीसीएल के सीएमडी समीरण दत्ता और उपाध्यक्ष के रूप में एमसीएल के सीएमडी यूके काओले, सचिव के रूप में बीसीसीएल के डॉ अंजनी कुमार और संयोजक के रूप में डीजीएमएस के डीडीजी एसएस प्रसाद थे. पूरा कार्यक्रम सीआइएल के चेयरमैन पीएम प्रसाद (कार्यक्रम के मेजबान) के मार्गदर्शन में आयोजित हुआ. देखें पेज 05 भी
डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
