भाई के बयान के आधार पर माणिक की जमानत का इडी ने किया विरोधसंवाददाता, कोलकाता तृणमूल विधायक माणिक भट्टाचार्य प्राथमिक भर्ती भ्रष्टाचार मामले में इडी की गिरफ्त में हैं. माणिक ने जमानत के लिए हाइकोर्ट का दरवाजा खटखटाया. इडी के वकील फिरोज एडुल्जी ने सोमवार को उनकी जमानत का विरोध करते हुए अदालत के समक्ष कुछ दस्तावेज पेश किये. उन्होंने दावा किया कि माणिक के छोटे भाई ने खुद अपने बड़े भाई के खिलाफ शिकायत की थी. माणिक के भ्रष्टाचार का संकेत उनके भाई के बयानों से भी मिलता है. इडी ने छोटे भाई के बयान का इस्तेमाल कर जमानत का विरोध किया. इधर, सुनवाई में इडी के ऐसे सवाल और रणनीति देखकर प्राथमिक शिक्षा बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष माणिक भट्टाचार्य रो पड़े. रोते हुए उन्होंने कहा, ””””छोटा भाई मेरे बच्चे जैसा है. गिरफ्तारी के समय सीबीआइ को छोटे भाई ने जो बताया, उसे जमानत न देने के लिए आधार नहीं माना जाना चाहिए. तब स्थिति अलग थी. माणिक सोमवार को जेल से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सुनवाई में शामिल हुए थे. इडी के वकील के तर्क को सुनकर वह फूट-फूटकर रोने लगे. उन्होंने जिरह के लिए आवेदन किया. जस्टिस शुभ्रा घोष ने कहा कि उन्हें इडी के बयान का विरोध करने का मौका दिया जायेगा, लेकिन माणिक ने कहा कि उनके भाई के बयान को एक हथियार के रूप में इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए. माणिक ने कहा, मेरा छोटा भाई इस मामले में शामिल नहीं है. ऐसे में उनके बयान का कोई तर्क नहीं हो सकता. हालांकि जज ने इस पर कोई टिप्पणी नहीं की. उन्होंने कहा कि मामले की अगली सुनवाई अगले हफ्ते होगी.
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