जलजमाव से मिलेगी स्थायी राहत

उत्तर कोलकाता के चार वार्डों को नये साल की सौगात

केंद्र सरकार से आवंटित 30 करोड़ रुपये से ड्रेनेज व्यवस्था दुरुस्त करने का काम जारी कोलकाता. उत्तर कोलकाता के चार वार्डों के लोगों को नये साल में जलजमाव की समस्या से राहत मिलने जा रही है. कोलकाता नगर निगम की ओर से चिड़ियामोड़, काशीपुर और दमदम से जुड़े इलाकों में जलजमाव की पुरानी समस्या को दूर करने के लिए व्यापक स्तर पर काम किया जा रहा है. इस परियोजना के तहत केंद्रीय आपदा प्रबंधन कोष से आवंटित 30 करोड़ रुपये की लागत से ड्रेनेज सिस्टम को दुरुस्त किया जा रहा है, जिससे इन चार वार्डों में रहने वाले लाखों लोग लाभान्वित होंगे. चिड़ियामोड़ इलाके में सड़क के एक ओर वार्ड-4, दूसरी ओर वार्ड- 2 है, जबकि इन्हीं दोनों से सटा वार्ड-1 स्थित है. इसके साथ ही वार्ड-3 का एक बड़ा इलाका भी इसी क्षेत्र से जुड़ा हुआ है. ये चारों वार्ड आपस में सटे हुए हैं और लंबे समय से जलजमाव की गंभीर समस्या से जूझ रहे हैं. हालांकि कोलकाता शहर की स्थापना अंग्रेजों के शासनकाल में हुई थी, लेकिन आरोप है कि उनके जाने के बाद पूर्ववर्ती सरकारों ने ड्रेनेज व्यवस्था को दुरुस्त करने पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया. नतीजतन हर मानसून में इन चारों वार्डों में जलजमाव की गंभीर समस्या देखने को मिलती रही है. दमदम इलाके में कहीं अंडरग्राउंड पाइप लाइनें जर्जर अवस्था में हैं, तो कहीं वे मौजूद ही नहीं हैं. कई स्थानों पर खुली नालियां हैं, जिनकी हालत भी खराब है. इसके कारण बारिश के दौरान अलग-अलग इलाकों में पानी जमा हो जाता है और लोगों को लंबे समय तक परेशानी झेलनी पड़ती है. हालांकि, इस बार नगर निगम का दावा है कि भारी बारिश में भी यह स्थिति दोबारा नहीं बनेगी. निगम के अनुसार, पिछले करीब एक वर्ष से 30 करोड़ रुपये की लागत से ढाई किलोमीटर से अधिक लंबी सड़क के नीचे ड्रेनेज पाइप लाइन बिछाई जा चुकी है. इसके साथ-साथ सड़क के दोनों ओर के इलाकों में भी ड्रेनेज सिस्टम को दुरुस्त करने का काम जारी है. इसके अलावा सात नंबर टैंक से गन शेल फैक्टरी के पास का इलाका, राजाबागान और दमदम स्टेशन तक हल्की बारिश में भी जलजमाव की समस्या बनी रहती थी. निगम सूत्रों के अनुसार, अब इस समस्या का भी समाधान किया जा रहा है. यहां मुख्य ड्रेनेज पाइप लाइन को सीधे बेलगछिया के बीरपाड़ा पंपिंग स्टेशन तक जोड़ा गया है, जहां से एक खाल के माध्यम से पानी को हुगली नदी में मिला दिया गया है. सूत्रों के मुताबिक, केंद्र से आवंटित राशि का उपयोग कर यह पूरा कार्य किया जा रहा है, जिसे अगले एक से दो महीनों में पूरा कर लिया जायेगा. इस संबंध में नगर निगम के ड्रेनेज विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि काम पूरा होने के बाद वार्ड- 2 और 3 के लोग सबसे अधिक लाभान्वित होंगे, जबकि वार्ड- 1 और 4 के कुछ हिस्सों को भी राहत मिलेगी. उन्होंने दावा किया कि अगले मॉनसून से पहले सभी कार्य पूरे कर लिए जायेंगे और इस बार बारिश के दौरान इन वार्डों में जलजमाव की समस्या का नामोनिशान नहीं रहेगा.

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By GANESH MAHTO

GANESH MAHTO is a contributor at Prabhat Khabar.

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