सात साल तक नौकरी करने के बाद दोबारा परीक्षा क्यों?

रविवार को फिर ‘धिक्कार दिवस’ जुलूस निकालेंगे बेरोजगार शिक्षक

शिक्षकों ने पूछे सवाल, सरकार के कदम से नाराज, रविवार को फिर ‘धिक्कार दिवस’ जुलूस निकालेंगे बेरोजगार शिक्षक कोलकाता. नौकरी गंवाये शिक्षकों का आक्रोश दिन पर दिन बढ़ता ही जा रहा है. शुक्रवार को शिक्षकों ने अर्धनग्न अवस्था में रैली निकाली. इस दौरान कइयों को हिरासत में लिया गया. इसके बाद इन शिक्षकों के समूह ने संवाददाता सम्मेलन किया. इन शिक्षकों का कहना है कि सात साल तक नौकरी करने के बाद उनको दोबारा परीक्षा क्यों देनी पड़ रही है? क्या वह अब यह परीक्षा दे पायेंगे, यह सवाल एसएसएससी के बेरोजगार ””योग्य”” शिक्षक उठा रहे हैं. शुक्रवार को संवाददाता सम्मेलन में शिक्षकों ने पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाये. उनका दावा था कि पुलिस ने चुनिंदा शिक्षकों को गिरफ्तार किया है. उन्होंने इस घटना के विरोध में रविवार को नये कार्यक्रम की भी घोषणा की. बेरोजगार शिक्षक महबूब मंडल ने शुक्रवार को संवाददाता सम्मेलन में कहा कि हमारा एक घोषित कार्यक्रम था. पुलिस को मेल के माध्यम से मामले की जानकारी दी गयी थी, लेकिन उसके बाद भी हमें ढूंढ़ कर वैन में भरा गया. करीब 150 शिक्षकों को जबरन उठा लिया गया. शुक्रवार को बेरोजगारों ने पुलिस की गिरफ्तारी के विरोध में एक नये कार्यक्रम की घोषणा की है. उन्होंने कहा कि अगले रविवार को कोलकाता ही नहीं, बल्कि पूरे राज्य में धिक्कार दिवस जुलूस निकाला जायेगा. शुक्रवार को स्कूल सेवा आयोग (एसएससी) ने सरकारी स्कूलों में कक्षा 9वीं-10वीं और 11वीं-12वीं के लिए सहायक शिक्षकों की भर्ती के लिए अधिसूचना प्रकाशित की है. इससे पहले गुरुवार रात को शिक्षक भर्ती परीक्षा से पहले नये नियम भी प्रकाशित किये गये. नये नियमों के अनुसार, उम्मीदवारों के पिछले शिक्षण अनुभव और कक्षाएं लेने की क्षमता पर जोर दिया गया है. बेरोजगारों ने उस अधिसूचना और नियमों के प्रकाशन पर सवाल उठाये हैं. उनकी मांग है कि एक ही नौकरी के लिए उन्हें दूसरी बार परीक्षा क्यों देनी चाहिए? सिर्फ दो महीने में तैयारी कैसे संभव है? बेरोजगारों का यह भी आरोप है कि उनके साथ ””दोहरा धोखा”” किया जा रहा है. गिरफ्तार किये गये लोगों की बिना शर्त रिहाई की भी मांग की साथ ही प्रदर्शनकारियों ने शुक्रवार को गिरफ्तार किये गये लोगों की बिना शर्त रिहाई की भी मांग की. अगर उन्हें रिहा नहीं किया गया तो बेरोजगारों ने बड़े आंदोलन की चेतावनी दी. शुक्रवार से बेरोजगारों ने विकास भवन के सामने से अपना स्थान हटा लिया. उन्होंने हाइकोर्ट के आदेश के अनुसार सेंट्रल पार्क में अपना धरना शुरू कर दिया.

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Published by: Sandip tiwari

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