खास बातें
Who Will Be Next West Bengal CM: बंगाल चुनाव 2026 में ऐतिहासिक जीत दर्ज करने के बाद अब सबके मन में एक ही सवाल है- बंगाल का नया मुख्यमंत्री कौन होगा? भाजपा के गलियारों में हलचल तेज है और विधायक दल का नेता चुनने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है.
‘धुरंधर’ नेता के रूप में उभरे शुभेंदु अधिकारी
सूत्रों की मानें तो मुख्यमंत्री पद की रेस में शुभेंदु अधिकारी का नाम सबसे ऊपर चल रहा है. भवानीपुर और नंदीग्राम, दोनों जगहों पर ममता बनर्जी को मात देने के बाद शुभेंदु का कद पार्टी में ‘धुरंधर’ जननेता के तौर पर स्थापित हो गया है. हालांकि, इस हाई-प्रोफाइल रेस में 3 और नाम हैं, जो शुभेंदु को कड़ी चुनौती दे रहे हैं.
जायंट किलर शुभेंदु अधिकारी की दावेदारी सबसे मजबूत
शुभेंदु अधिकारी आज भाजपा के लिए वह चेहरा बन चुके हैं, जिसने ममता बनर्जी के ‘अजेय’ होने के भ्रम को तोड़ दिया है. उनके भतीजे अभिषेक बनर्जी का भी मान-मर्दन कर दिया. कभी ममता के सबसे खास रहे शुभेंदु ने ही पूर्व मेदिनीपुर में टीएमसी की जड़ें जमायी थीं.
इसलिए मजबूत है शुभेंदु की दावेदारी
वर्ष 2021 में नंदीग्राम और अब 2026 में भवानीपुर में बंगाल की चीफ मिनिस्टर ममता बनर्जी को 15 हजार वोटों से हराकर उन्होंने साबित कर दिया है कि बंगाल की नब्ज उनसे बेहतर कोई नहीं जानता. ग्रामीण बंगाल से लेकर शहरी मतदाताओं तक शुभेंदु की स्वीकार्यता उन्हें सीएम पद का सबसे प्रबल दावेदार बनाती है.
बंगाल की खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
Who Will Be Next West Bengal CM: ये 3 दिग्गज भी रेस में
शुभेंदु के अलावा भाजपा नेतृत्व 3 अन्य नामों पर भी गंभीरता से विचार कर रहा है. उनके बारे में भी जान लीजिए.
- शमिक भट्टाचार्य : भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष और अपनी सौम्य छवि व प्रखर वक्तृत्व शैली के लिए जाने जाने वाले शमिक भट्टाचार्य संगठन की पसंद हो सकते हैं.
- सुकांत मजूमदार : केंद्रीय मंत्री सुकांत मजूमदार का नाम भी चर्चा में है. उत्तर बंगाल में पार्टी की पकड़ मजबूत करने में उनका बड़ा हाथ माना जाता है.
- स्वपन दासगुप्ता : पूर्व राज्यसभा सांसद और बौद्धिक चेहरा स्वपन दासगुप्ता को बंगाल के भद्रलोक (Intellectuals) के बीच भाजपा की पैठ बढ़ाने के लिए जाना जाता है.
इसे भी पढ़ें : प्रणाम बंगाल! अंगार से निकलेगा उन्नत पश्चिम बंगाल, शुभेंदु अधिकारी ने फेसबुक पर लिखा भावुक पोस्ट
अमित शाह का ‘भूमिपुत्र’ फॉर्मूला
पार्टी सूत्रों की मानें, तो भाजपा आलाकमान किसी भी हाल में ‘भूमिपुत्र’ (Son of the Soil) के वादे से पीछे नहीं हटेगा. टीएमसी ने हमेशा भाजपा को बाहरी पार्टी कहा है. गृह मंत्री अमित शाह ने चुनाव प्रचार के दौरान बार-बार वादा किया था कि बंगाल का मुख्यमंत्री वही बनेगा, जिसकी शिक्षा-दीक्षा और जन्म इसी मिट्टी में हुआ हो. भाजपा ऐसा चेहरा पेश करना चाहती है, जो बंगाल की भाषाई, बौद्धिक और सांस्कृतिक परंपराओं में गहराई से रचा-बसा हो.
इसे भी पढ़ें : बंगाल की राजनीति के ‘गेमचेंजर’ हैं शुभेंदु अधिकारी? नंदीग्राम के नायक से ममता बनर्जी को ललकारने तक, जानें 5 अनकहे सच
शुभेंदु के समर्थकों में देखा जा रहा जबर्दस्त उत्साह
8 मई को होने वाली विधायक दल की बैठक में इन नामों पर अंतिम चर्चा होगी. पार्टी नेतृत्व चाहता है कि मुख्यमंत्री का चेहरा न केवल प्रशासनिक रूप से सक्षम हो, बल्कि वह टीएमसी के 15 साल के ‘सिंडिकेट राज’ को जड़ से खत्म करने का हौसला भी रखता हो. फिलहाल, सस्पेंस बरकरार है, लेकिन शुभेंदु के समर्थकों में जबर्दस्त उत्साह देखा जा रहा है.
इसे भी पढ़ें
मार्कंडेय काट्जू का दावा- बीजेपी में शामिल हो सकती हैं महुआ मोईत्रा, सागरिका और सायोनी घोष
