तृणमूल सांसद कीर्ति आजाद से 22 को कोलकाता में सीआईडी करेगी पूछताछ, 15 लाख की वसूली का है आरोप

तृणमूल कांग्रेस के सांसद कीर्ति आजाद को 15 लाख रुपए की वसूली के एक मामले में CID ने पूछताछ के लिए बुलाया है. कलकत्ता हाईकोर्ट ने उन्हें जांच में सहयोग करने का निर्देश दिया है. पढ़ें पूरी रिपोर्ट.

पश्चिम बंगाल के एक कारोबारी से कथित तौर पर 15 लाख रुपए की वसूली के एक मामले में तृणमूल कांग्रेस के सांसद कीर्ति आजाद से 22 सितंबर को कोलकाता के भवानी भवन में पूछताछ होगी. हालांकि, क्रिकेटर से नेता बने कीर्ति आजाद को किसी भी दंडात्मक कार्रवाई से कलकत्ता हाईकोर्ट ने राहत दी है, लेकिन उन्हें सीआईडी की जांच में सहयोग करने का भी निर्देश दिया है. कोर्ट ने कहा है कि 7 दिन पहले नोटिस देकर सीआईडी उन्हें जांच के लिए बुला सकती है.

सीआईडी ने भवानी भवन में बुलाया

मंगलवार को कलकत्ता हाईकोर्ट में इस केस की सुनवाई के दौरान ही सीआईडी के वकील ने जस्टिस कौशिक चंद को बताया कि कीर्ति आजाद को 22 सितंबर को दक्षिण कोलकाता स्थित भवानी भवन में एजेंसी के मुख्यालय में पूछताछ के लिए बुलाया गया है.

कारोबारी से 15 लाख रुपए मांगने का है आरोप

आरोप है कि 21 मई 2025 को एक कारोबारी को दुर्गापुर स्थित कीर्ति आजाद के बंगले पर बुलाया गया था. कारोबारी का आरोप है कि वहां आजाद के एक सहयोगी ने उससे 15 लाख रुपए की मांग की. रकम नहीं देने पर उसका खाना पकाने वाली गैस का कारोबार बंद कराने की धमकी दी गयी थी. कारोबारी ने यह भी दावा किया है कि पूरी घटना की ऑडियो रिकॉर्डिंग उसके पास है.

ये भी पढ़ें: बंगाल चुनाव 2026: दुर्गापुर में कीर्ति आजाद का मैथिली कार्ड, अप्पन भाषा में दरभंगा-समस्तीपुर के लोगों को साधा

आजाद ने आरोपों को साजिश करार दिया

इसके बाद कीर्ति आजाद और उनके कुछ सहयोगियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गयी. हालांकि, आजाद ने सभी आरोपों से इनकार किया है. सांसद ने कहा कि यह उन्हें बदनाम करने की साजिश है. बर्धमान-दुर्गापुर लोकसभा क्षेत्र के तृणमूल सांसद ने अदालत में दावा किया कि कथित घटना के दिन वह दुर्गापुर में मौजूद ही नहीं थे. अपने दावे के समर्थन में उन्होंने अदालत के समक्ष अपनी उड़ान से संबंधित विवरण भी पेश किया.

एफआईआर में 15 महीने की देरी पर सवाल

अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान आजाद के वकील ने प्राथमिकी दर्ज करने में हुई देरी पर सवाल उठाये. उन्होंने कोर्ट को बताया कि कथित घटना के करीब 15 महीने बाद एफआईआर दर्ज की गयी. वकील ने यह भी दलील दी कि आजाद द्वारा कथित वसूली की रकम प्राप्त करने का कोई प्रमाण नहीं है. उन्होंने कहा कि उनके मुवक्किल जांच में सहयोग करने के लिए तैयार हैं. पूछताछ के लिए उन्हें हिरासत में लेने की आवश्यकता नहीं है.

ये भी पढ़ें: कीर्ति झा आजाद पर FIR दर्ज, तृणमूल सांसद पर 15 लाख की रंगदारी मांगने का आरोप, जांच में जुटी CID

एफआईआर भी रद्द करने की मांग

कीर्ति आजाद ने प्राथमिकी रद्द करने की मांग कलकत्ता हाईकोर्ट से की है. सुनवाई के बाद अदालत ने स्पष्ट किया कि गिरफ्तारी से मिली अंतरिम सुरक्षा सीआईडी की जांच में उनके सहयोग पर निर्भर करेगी. 22 सितंबर को भवानी भवन में प्रस्तावित पूछताछ वसूली के आरोपों की चल रही जांच का हिस्सा है.

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By मिथिलेश झा

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में लंबा अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं.

अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है.

वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं.

भौगोलिक विशेषज्ञता : वर्तमान में उनका फोकस पश्चिम बंगाल है. उन्होंने झारखंड, छत्तीसगढ़ और ओडिशा की खबरों पर भी काम किया है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है.

मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :-

राज्य की राजनीति और शासन : वर्पतमान में श्चिम बंगाल की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज.

सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग.

जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित रिपोर्टिंग.

डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है.

विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर पत्रकारिता, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव और तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >