पश्चिम बंगाल : दुर्गापूजा समितियों को एक लाख रुपए का अनुदान, अष्टमी को शराबबंदी, डीजे पर प्रतिबंध

Bengal Durga Puja Rules 2026: पश्चिम बंगाल सरकार ने दुर्गा पूजा समितियों के लिए 1 लाख रुपए अनुदान और मुफ्त बिजली का ऐलान किया. महाअष्टमी पर शराब दुकानें बंद रहेंगी. 24 अक्टूबर तक विसर्जन अनिवार्य.

कोलकाता से शिव कुमार राउत की रिपोर्ट

पश्चिम बंगाल सरकार ने इस वर्ष दुर्गापूजा समितियों के लिए एक लाख रुपए की वैकल्पिक सरकारी अनुदान की घोषणा की है. साथ ही कहा है कि दुर्गा पूजा में अष्टमी के दिन शराब दुकानें और बार बंद रहेंगे. मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने सोमवार को पूजा समितियों के साथ तैयारियों के लिए समीक्षा बैठक के बाद यह घोषणा की. हालांकि, उन्होंने बड़े बजट वाली पूजा समितियों से सरकारी आर्थिक सहायता नहीं लेने की अपील की है. मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन छोटी पूजा समितियों के लिए सरकारी सहायता के बिना पूजा आयोजित करना मुश्किल है, उन्हें एक लाख रुपए का अनुदान दिया जायेगा. इस अनुदान के लिए पूजा कमेटियों को स्थानीय थाने में आवेदन करना होगा.

अष्टमी को शराबबंदी, डीजे पर टोटल बैन

मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि दुर्गा पूजा या विसर्जन के दौरान राज्य में कहीं भी डीजे बजाने की अनुमति नहीं होगी. राष्ट्रीय राजमार्गों को भी पूजा आयोजन या जुलूस के कारण बाधित नहीं किया जा सकेगा. अष्टमी के दिन राज्यभर में शराब की सभी दुकानों के साथ-साथ बार भी बंद रहेंगे.

पूजा कमेटियों को नहीं देना होगा बिजली बिल

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार पूजा कमेटियों से बिजली के लिए कोई शुल्क नहीं लेगी. ममता सरकार के दौरान राज्य में कोलकाता में पूजा कमेटियों को बिजली शुल्क पर 80 फीसदी की छूट मिलती थी, जबकि जिलों में बिजली शुल्क नहीं ली जाती थी. कोलकाता समेत पूरे राज्य में पूजा समितियों को मुफ्त बिजली उपलब्ध कराने के लिए विद्युत वितरण कंपनियों से बातचीत हो चुकी है. अग्निशमन विभाग से अनुमति लेने के लिए भी पूजा समितियों से कोई शुल्क नहीं लिया जायेगा.

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महालय पर ईडन गार्डेन में स्पेशल प्रोग्राम, पीएम मोदी को आमंत्रण

इस वर्ष भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार की अगुवाई में पहली बार राज्य में दुर्गा पूजा हो रही है. इसलिए पूजा का भव्य आगाज होगा. देवी पक्ष के शुरू होने से पहले महालया के दिन ईडन गार्डेन में विशेष शो के साथ दुर्गा पूजा की शुरुआत होगी. पर्यटन विभाग और सूचना एवं संस्कृति विभाग ड्रोन शो और आतिशबाजी की भी व्यवस्था करेगा. कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी आमंत्रित किया जायेगा.

24 अक्टूबर तक करना होगा विसर्जन

मुख्यमंत्री ने पूजा समितियों को प्रतिमा और पंडाल निर्माण में सांस्कृतिक एवं धार्मिक परंपराओं का ध्यान रखने की सलाह दी. उन्होंने कहा कि किसी ऐसी थीम पर पंडाल न बनायें, जिससे सांस्कृति और धार्मिक परंपराओं को ठेस पहुंचे. तृणमूल सरकार पर निशाना साधते हुए सीएम ने कहा कि इस बार महालया से पहले पूजा पंडाल के उद्घाटन की अनुमति नहीं होगी. उद्घाटन देवी पक्ष में ही किया जायेगा. सीएम ने कहा कि कोजागरी लक्ष्मी पूजा 25 अक्टूबर को है. इसलिए 24 अक्टूबर तक मां दुर्गा की प्रतिमा का विसर्जन कर लेना होगा. विसर्जन घाटों पर क्रेन के इस्तेमाल की अनुमति नहीं होगी.

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दिव्यांग और बुजुर्गों के लिए विशेष व्यवस्था

सरकार ने दिव्यांगजनों और वृद्धाश्रमों में रहने वालों के लिए विशेष दर्शन व्यवस्था करने का भी फैसला किया है. इसके अलावा दीघा सहित राज्य के 6 शहरों में महालया के बाद दो-दिवसीय सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किये जायेंगे. कोलकाता के 4 प्रमुख घाटों को भी विशेष रूप से सजाया जायेगा.

शारद सम्मान जारी रहेगा

दुर्गा पूजा के दौरान इस वर्ष भी राज्य सरकार की ओर से शारद सम्मान दिया जायेगा. श्रेष्ठ प्रतिमा, श्रेष्ठ मंडप, पर्यावरण-अनुकूल पूजा, बेहतर भीड़ प्रबंधन और उत्कृष्ट प्रतिमा शिल्प समेत विभिन्न श्रेणियों में पुरस्कार दिये जायेंगे. मुख्यमंत्री ने कहा कि पुरस्कारों के लिए निर्णायक मंडल निष्पक्ष तरीके से समितियों का चयन करेगा.

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इस बार नहीं होगा कार्निवाल

सरकार ने इस वर्ष दुर्गा पूजा कार्निवाल आयोजित नहीं करने का फैसला किया है. मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले जिस व्यवस्था को अनिवार्य रूप से लागू किया गया था, वह इस बार नहीं होगी.

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By मिथिलेश झा

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