बंगाल में होगी जाति प्रमाणपत्रों की जांच, अब तक 45,000 लोग संदिग्ध सूची में

पश्चिम बंगाल सरकार ने तृणमूल कांग्रेस शासनकाल में जारी 45,000 से अधिक जाति प्रमाण पत्रों की पुनः सत्यापन प्रक्रिया शुरू की है। अब तक 135 प्रमाण पत्र रद्द किए जा चुके हैं, जबकि 76 हजार से अधिक को वैध पाया गया है।

कोलकाता : नई सरकार ने तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) शासनकाल में जारी जाति प्रमाण पत्रों के संबंध में एक बड़ा कदम उठाया है. 45,000 से अधिक प्रमाण पत्र संदिग्ध सूची में हैं. 'पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग' ने पिछले पंद्रह वर्षों में जारी जाति प्रमाण पत्रों का पुनः सत्यापन शुरू कर दिया है. नए प्रमाण पत्रों का भी सत्यापन हो रहा है. जांच के दौरान एक के बाद एक सनसनीखेज जानकारियां सामने आ रही हैं.

अब तक 135 जाति प्रमाण पत्र रद्द

नवन्ना सूत्रों के अनुसार, अब तक कुल 1 लाख 22 हजार 117 जाति प्रमाण पत्रों का पुनः सत्यापन किया जा रहा है. इनमें से 76 हजार 750 प्रमाण पत्रों को विभाग द्वारा वैध घोषित किया जा चुका है. सत्यापन के बाद 135 जाति प्रमाण पत्र रद्द किए जा चुके हैं. इनमें से 83 अनुसूचित जाति, 41 अनुसूचित जनजाति और 11 अन्य पिछड़ा वर्ग के प्रमाण पत्र रद्द किए गए हैं.

इन जिलों में अधिक मामले

135 जाति प्रमाण पत्रों में से सबसे अधिक प्रमाण पत्र उत्तर 24 परगना, हुगली और पूर्वी बर्धमान जिलों में रद्द किए गए हैं. यह उल्लेखनीय है कि तृणमूल सरकार के दौरान ओबीसी, एसटी-एससी प्रमाण पत्रों को लेकर राज्य में लंबे समय से भ्रष्टाचार के आरोप लगते रहे हैं. इसके बाद मुख्यमंत्री सुभेंदु अधिकारी ने तृणमूल सरकार के दौरान वितरित किए गए सभी प्रमाण पत्रों के सत्यापन का आदेश दिया था.

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इनकी होगी गिरफ्तारी

बात यहीं खत्म नहीं हुई, उन्होंने बांकुड़ा बैठक में स्पष्ट निर्देश दिए थे कि यदि दस्तावेज फर्जी साबित होता है, तो प्रमाण पत्र जारी करने वाले और जारी करने वाले दोनों व्यक्तियों को गिरफ्तार किया जाएगा. खबरों के अनुसार, मुख्यमंत्री के सख्त निर्देशों का पालन करते हुए नबन्ना ने प्रमाण पत्रों की जांच का काम तेजी से शुरू कर दिया है.

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By Ashish Jha

डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव. लगातार कुछ अलग और बेहतर करने के साथ हर दिन कुछ न कुछ सीखने की कोशिश. वर्तमान में बंगाल में कार्यरत. बंगाल की सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को टटोलने के लिए प्रयासरत. देश-विदेश की घटनाओं और किस्से-कहानियों में विशेष रुचि. डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल्स को सीखने की चाहत.

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