बंगाल में मानसून के 2 रंग : उत्तर में मूसलाधार बारिश, जलपाईगुड़ी के मूर्थी में रिकॉर्ड 173 मिमी वर्षा, दक्षिण अब भी प्यासा

पश्चिम बंगाल में मानसून का मिजाज इन दिनों बिल्कुल अलग है. उत्तर बंगाल के जिले मूसलाधार बारिश से तरबतर हैं, तो दक्षिण बंगाल के अधिकांश हिस्सों में सूखे जैसे हालात बने हुए हैं. जानें कहां, कितनी हुई बारिश और क्या है आगे की उम्मीद.

Weather Today West Bengal: पश्चिम बंगाल में मानसून इस समय दो विपरीत चेहरों के साथ सक्रिय है. प्रादेशिक मौसम विज्ञान केंद्र अलीपुर (कोलकाता) ने बताया है कि उत्तर बंगाल के जिले मूसलाधार बारिश से सराबोर हैं. दक्षिण बंगाल के अधिकांश हिस्सों में मानसून की भारी बेरुखी देखने को मिल रही है. पिछले 24 घंटों में पूरे पश्चिम बंगाल में सामान्य से 13 प्रतिशत अधिक वर्षा हुई है. यह मुख्य रूप से उत्तर बंगाल में हुई भारी बारिश का नतीजा है.

कोलकाता का मौसम : उमस और हल्की बौछारें

अलीपुर मौसम कार्यालय के आंकड़ों के मुताबिक, राजधानी कोलकाता में पिछले 24 घंटों में मात्र 06.3 मिमी बारिश दर्ज की गयी है. कोलकाता (अलीपुर) में अधिकतम तापमान 33.2 डिग्री सेंटीग्रेड रिकॉर्ड किया गया, जबकि न्यूनतम तापमान 27.4 डिग्री सेल्सियस रहा. कोलकाता में लंबी अवधि के औसत से 28 प्रतिशत कम वर्षा हुई है. इसकी वजह से महानगर कोलकाता में उमस भरी गर्मी का असर देखा जा रहा है.

ये भी पढ़ें: उत्तर बंगाल भारी 48 घंटे, मौसम विभाग ने जारी किया आफत की बारिश का रेड अलर्ट

उत्तर बंगाल में रिकॉर्डतोड़ बारिश

उत्तर बंगाल के जिलों में मानसून पूरी तरह से मेहरबान है. कई स्थानों पर 100 मिमी से भी अधिक अत्यधिक भारी बारिश हुई है. जलपाईगुड़ी जिले में हुई वर्षा के आंकड़े यहां देखें.

  • मूर्थी (Murti): 173.4 मिमी
  • भगतपुर (Bhagatpur): 140.2 मिमी
  • NH 31 (रोड ब्रिज): 139.8 मिमी
  • जलपाईगुड़ी शहर : 139.2 मिमी
  • नागराकाटा (Nagrakata): 125.4 मिमी

ये भी पढ़ें: West Bengal Weather News Today: उत्तर बंगाल में एक सप्ताह तक अति भारी बारिश का मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट

अलीपुरदुआर और कूचबिहार जिले में वर्षा के आंकड़े

  • डलगांव (Dalgaon): 126.3 मिमी
  • रायडक टी एस्टेट : 123.2 मिमी
  • अलीपुरदुआर (शहर): 120.4 मिमी
  • बक्साद्वार (Buxaduar): 114.6 मिमी
  • अम्फू पुंडीबारी (कूचबिहार): 107.4 मिमी

उत्तर दिनाजपुर में सामान्य से 450 फीसदी अधिक वर्षा

मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर दिनाजपुर में सामान्य से 450 प्रतिशत अधिक (Largely Excess) वर्षा हुई है. जलपाईगुड़ी में सामान्य से 125 फीसदी अधिक, अलीपुरदुआर में 102 फीसदी और कूचबिहार में सामान्य से 146 प्रतिशत अधिक वर्षा हुई है.

ये भी पढ़ें: बंगाल में अगले 7 दिन कैसा रहेगा मौसम : उत्तर बंगाल में मूसलाधार वर्षा, दक्षिण बंगाल में आंधी-तूफान का अलर्ट

दक्षिण बंगाल में सूखे जैसे हालात

उत्तर बंगाल के विपरीत, दक्षिण बंगाल के अधिकांश जिलों में बारिश की भारी कमी (Deficient to Largely Deficient) देखी गयी है. हुगली, दक्षिण दिनाजपुर और पश्चिम मेदिनीपुर 3 ऐसे जिले हैं, जहां पिछले 24 घंटे के दौरान वर्षा हुई ही नहीं.

  • शून्य बारिश वाले जिले : हुगली, दक्षिण दिनाजपुर और पश्चिम मेदिनीपुर में पिछले 24 घंटों में 0 मिमी बारिश दर्ज की गयी है.
  • भारी कमी वाले जिले : पुरुलिया (99 फीसदी), बांकुड़ा (99 फीसदी), झारग्राम (99 फीसदी), नदिया (97 प्रतिशत) और पश्चिम बर्धमान (90 प्रतिशत) में मानसून लगभग नदारद रहा.
  • थोड़ी बहुत राहत मिली : दक्षिण 24 परगना के डायमंड हार्बर में 14.6 मिमी, बीरभूम के मुराराई में 12.0 मिमी और हावड़ा के आमता में 10.0 मिमी बारिश दर्ज की गयी.

ये भी पढ़ें: Bengal Weather Alert: दक्षिण बंगाल में वर्षा और वज्रपात का येलो अलर्ट, जानें 7 दिन तक कैसा रहेगा मौसम

दक्षिण बंगाल को वर्षा का इंतजार

मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि दक्षिण बंगाल के ऊपर जब तक कोई मजबूत कम दबाव का क्षेत्र या चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय नहीं होता, तब तक इन जिलों में अच्छी बारिश के लिए इंतजार करना पड़ सकता है.


प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में लंबा अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं.

अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है.

वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं.

भौगोलिक विशेषज्ञता : वर्तमान में उनका फोकस पश्चिम बंगाल है. उन्होंने झारखंड, छत्तीसगढ़ और ओडिशा की खबरों पर भी काम किया है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है.

मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :-

राज्य की राजनीति और शासन : वर्पतमान में श्चिम बंगाल की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज.

सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग.

जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित रिपोर्टिंग.

डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है.

विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर पत्रकारिता, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव और तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >